
शिक्षा: स्पेशल बीएड अब हुई चार साल की
शिक्षा: स्पेशल बीएड अब हुई चार साल की
एनईपी-2020 के तहत बदलाव : पोर्टल के जरिए मिलेंगी सुविधाएं
प्रदेश सहित अलवर जिले के विद्यार्थी जो स्पेशल बीएड करके शिक्षक बनना चाहते हैं, उनको अब दो साल की जगह चार साल तक स्पेशल बीएड की पढ़ाई करनी होगी। उसके बाद ही बीएड की डिग्री मिल पाएगी। ये बदलाव एनईपी-2020 के तहत हो रहा है। इसके अंतर्गत पूरे देश में एक ही शिक्षा प्रणाली के माध्यम से पढ़ाई होगी। एनसीटीई ओर से इंटीग्रेडेट टीचर एजुकेशन प्रोग्राम ( आईटीईपी) को जारी किया है। अब तक संचालित स्पेशल बीएड कोर्स को पूरे 4 साल में करवाया जाएगा। 4 साल बीएड कोर्स की शुरूआत नए सत्र 2024-25 से होगी। इसके आदेश भारतीय पुनर्वास परिषद के सदस्य सचिव विकास त्रिवेदी ने जारी किए हैं।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत देश के किसी भी विश्वविद्यालय और महाविद्यालय में दो साल का स्पेशल बीएड कोर्स नजर नहीं आएगा। शैक्षणिक सत्र 2023-24 के बाद दो वर्षीय बीएड कोर्स को रद्द करने का एनसीटीई ने ये फैसला लिया है। वहीं, शैक्षणिक सत्र 2023-24 में स्पेशल बीएड़ करने वाले विद्यार्थियों का कोर्स दो साल का ही रहेगा। दो साल के अनुसार ही डिग्री दी जाएगी। एनसीटीई ने साफ कर दिया है कि जो विश्वविद्यालय और महाविद्यालय एनईपी-2020 के तहत 4 वर्षीय स्पेशल बीएड कोर्स चलाना चाहते हैं, उनके लिए जल्द ही विभाग की ओर से पोर्टल जारी कर दिया जाएगा। उसके बाद 4 वर्षीय बीएड कोर्स चलाने के लिए आवेदन किए जाएंगे और पूरी रिपोर्ट देनी होगी।
सामान्य बीएड में बढ़ेंगे आवेदन, स्पेशल बीएड में हो सकते हैं कम : राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत अभी स्पेशल बीएड कोर्स चार वर्ष का किया है। इससे पहले स्पेशल बीएड एक साल और गत वर्षों में दो साल और अब चार साल का कोर्स कर दिया है। वहीं सामान्य बीएड़ कोर्स अभी भी दो साल का है। ऐसे में सामान्य बीएड कोर्स में आवेदनों की संख्या में बढ़ोत्तरी हो सकती है और स्पेशल बीएड के आवेदनों में कमी आ सकती है।
नए सिरे से करने होंगे आवेदनभारतीय पुनर्वास परिषद की ओर से जारी आदेशों के अनुसार स्पेशल बीएड को सत्र 2024-25 से दो वर्ष की जगह चार वर्ष का कर दिया है। इसके लिए महाविद्यालयों को नए सिरे से आवेदन करना होगा।
डॉ आशुतोष, सहायक कुल सचिव, मत्स्य विवि, अलवर।
Published on:
07 Jan 2024 11:41 am
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