
अलवर. जिले में बुधवार शाम आए तूफान ने भारी तबाही मचाई। तूफान में हजारों बड़े-बड़े दरख्त उखड़ गए। बिजली के तार टूटकर सडक़ पर आ गिरे। तूफान में दो दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए, वहीं पांच जनों की मौत की अब तक पुष्टि हो चुकी है। स्थिति ये थी कि तूफान से सडक़ों पर पेड़ व बिजली के तार गिरने से जगह-जगह रास्ते जाम हो गए, जिन्हें सुचारू कराने के लिए सरकारी तंत्र पूरी रात जुटा रहा।
बिजली निगम ने पूरा स्टाफ लगाया, हर लाइन की कर रहे पेट्रोलिंग
तूफान में अलवर शहर सहित जिलेभर का विद्युत तंत्र पूरी तरह तहस-नहस हो गया। तूफान से अलवर शहर के 220 जीएसएस का टावर टूट गया। 132 केवी, 33 केवी व 11 केवी की लाइनें टूटकर गिर पड़ी। हजारों विद्युत पोल व सैंकड़ों ट्रांसफार्मर टूटकर गिर गए। मालाखेड़ा में 33 केवी जीएसएस पर पीपल का पेड़ टूटकर गिरने से जीएसएस तबाह हो गया। इससे अलवर शहर सहित पूरे जिले की विद्युत सप्लाई ठप हो गई। जयपुर डिस्कॉम अलवर के अधीक्षण अभियंता बीएस मीणा ने बताया कि तूफान से जिले का विद्युत तंत्र पूरी तरह चरमरा गया। जिसे दुरुस्त करने के लिए सभी इंजीनियर, लाइनमैन, फीडर इंचार्ज, ठेकेदार सहित स्टाफ को इंमरजेंसी ड्यूटी पर बुलाया गया।
अधीक्षण अभियंता ने बताया कि पूरे शहर में बिजली के तार टूटे पड़े हैं। इनसे जनहानि रोकने के लिए एक-एक लाइन की पेट्रोलिंग कराई जा रही है। इसके बाद टूटी लाइनों को दुरुस्त करने का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है। अधीक्षण अभियंता का कहना था कि अलवर शहर सहित जिले में नुकसान इतना अधिक हैं कि शहर सहित जिले की विद्युत व्यवस्था पुन: बहाल होने में समय का फिलहाल अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। उन्होंने आमजन से टूटी लाइनों की सूचना देने की अपील की है।
व्यवस्था सुधार के दिए निर्देश
आंधी तूफान से जिले में काफी तबाही हुई है। जिले व शहर में व्यवस्था सुधारने के लिए नगर परिषद, यूआईटी, विद्युत निगम के अधिकारी व कर्मचारियों को तुरंत प्रभाव से व्यवस्था में सुधार के कार्य में जुटने के निर्देश दिए हैं। आंधी से कुछ लोगों के जान गंवाने की भी सूचना है।
राजन विशाल, जिला कलक्टर अलवर।
Published on:
03 May 2018 09:26 am
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