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अलवर पर भी पड़ा था आपातकाल का गहरा असर, गूंजे थे इंकलाब जिंदाबाद के नारे, कई लोगों ने दी थी गिरफ्तारी

emergency in alwar : अलवर में आपातकाल के दौरान कई लोगों ने गिरफ्तारी दी थी। आपातकाल का असर अलवर में भी देखने को मिला था।

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अलवर

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Hiren Joshi

Jun 25, 2019

emergency in india : Impact Of emergency in alwar

अलवर पर भी पड़ा था आपातकाल का गहरा असर, गूंजे थे इंकलाब जिंदाबाद के नारे, कई लोगों ने दी थी गिरफ्तारी

अलवर. emergency in india : 25 जून 1975 से 21 मार्च 1977 तक का 21 महीने की अवधि में भारत में आपातकाल घोषित ( Emergency In Alwar ) था। तत्कालीन राष्ट्रपति फख़़रुद्दीन अली अहमद ने तत्कालीन भारतीय प्रधानमंत्री इन्दिरा गांधी ( Indira Gandhi ) के कहने पर भारतीय संविधान की धारा 352 के अधीन आपातकाल की घोषणा कर दी। आपातकाल के दौरान अलवर ( Alwar ) जिले में 46 लोगों ने मीसा व डीआरआई में गिरफ्तारी दी थी। इनमें भूदेव शर्मा, एडवोकेट रामजीलाल गुप्ता सहित अन्य लोग शामिल थे।

अलवर की राजनीति के जानकार एडवोकेट हरिशंकर गोयल बताते हैं कि आपातकाल के दौरान 26 जून 1975 को भूदेव शर्मा, एडवोकेट रामजीलाल गुप्ता के साथ उन्होंने कचहरी में इंकलाब जिंदाबाद के नारे लगाए। बाद में भूदेव शर्मा 15 दिन एवं रामजीलाल गुप्ता एक महीने बाद गिरफ्तार हुए। गोयल के अनुसार वे कचहरी परिसर से ही फरार हो गए। उस दौरान 30 अप्रेल 1975 को खेरली गंज से पथीना जाते समय उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

इस दौरान वे लोगों को जागृत करने के लिए राजस्थान, गुजरात, मध्यप्रदेश, हरियाणा व उत्तर प्रदेश में घूमे। गिरफ्तारी के दौरान उन्हें पहले जयपुर और बाद में एक महीने अलवर जेल में रखा गया तथा 23 जनवरी 1975 को जेल से रिहा किया गया। आपातकाल के दौरान जिले में 46 लोगों ने गिरफ्तारी दी।