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ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में संविदा भर्ती घोटाला, मोबाइल कॉल डिटेल से संदिग्धों की संलिप्तता तलाश रही एसीबी

गुजरात के राजकोट की प्लेसमेंट एजेंसी एमजे सोलंकी कम्पनी ने अलवर ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज प्रबंधन से मिलीभगत कर मेडिकल स्टाफ की संविदा भर्ती में बड़ा भ्रष्टाचार किया। रिश्वत लेकर 108 में 80 पदों पर भर्ती कर दी गई।
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अलवर

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Lubhavan Joshi

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Updated: 24 Jun 2021, 11:25 AM IST

ESIC Medical College Alwar Scam ACB Investigation

ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में संविदा भर्ती घोटाला, मोबाइल कॉल डिटेल से संदिग्धों की संलिप्तता तलाश रही एसीबी

अलवर. अलवर ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज के संविदा भर्ती घोटाला प्रकरण में एसीबी मोबाइल कॉल डिटेल के आधार पर संदिग्धों की संलिप्तता तलाशने में जुटी है। वहीं, कॉलेज प्रबंधन के अधिकारी और कर्मचारियों को अलग-अलग बुलाकर पूछताछ की जा रही है। जल्द ही एसीबी टीम जांच के लिए फिर अलवर आएगी।

गुजरात के राजकोट की प्लेसमेंट एजेंसी एमजे सोलंकी कम्पनी ने अलवर ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज प्रबंधन से मिलीभगत कर मेडिकल स्टाफ की संविदा भर्ती में बड़ा भ्रष्टाचार किया। रिश्वत लेकर 108 में 80 पदों पर भर्ती कर दी गई। संविदा भर्ती घोटाले का भंडफोड़ होने के बाद एसीबी ने कम्पनी के मालिक मिनेष पटेल, फील्ड इंचार्ज भरत पूनिया, सुपरवाइजर कानाराम चौधरी और एम्स जोधपुर के सीनियर नर्सिंग ऑफिसर महिपाल यादव को गिरफ्तार कर लिया।

प्रकरण में ईएसआईसी कॉलेज अलवर के डीन डॉ. हरनाम कौर, असिस्टेंट डायरेक्टर डॉ. मुकेश कुमार, नर्सिंग अधीक्षक डॉ. विवेक तिवाड़ी व नर्सिंग उप अधीक्षक डॉ. विनोद तथा वार्ड ब्वाय कप्तान सिंह सहित अन्य कई कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध है। इन लोगों की घोटाले में संलिप्तता का पता लगाने एसीबी टीम इनकी मोबाइल कॉल डिटेल खंगालने में लगी है। भर्ती घोटाले में गिरफ्तार एमजे सोलंकी कम्पनी के अधिकारियों और इनके बीच होने वाली बातचीत के बारे में भी पता लगाया जा रहा है। इसके लिए एसीबी टीम कॉलेज प्रबंधन के अधिकारी और कर्मचारियों को अलग-अलग बुलाकर और आमने-सामने बैठाकर पूछताछ कर रही है। कॉलेज प्रबंधन के लोगों की संलिप्तता तय होने के बाद उनकी गिरफ्तारी तय है।