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ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज गंभीर मरीजों के लिए बन रहा मददगार

अलवर. ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज में अत्याधुनिक चिकित्सा सेवाओं व संसाधनों का अलवर जिला सहित समीपवर्ती राज्यों के मरीज लाभ ले रहे है। यहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाओं की उपलब्धता के कारण जटिल बीमारियों से पीडि़त मरीजों को काफी सहुलियत मिल रही है। वहीं, मरीजों की जांच, दवा व उपचार के साथ ही दूर-दराज से आए मरीजों के परिजनों के लिए भोजन व ठहरने की निशुल्क व्यवस्था भी उपलब्ध कराई जा रही है।

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ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज गंभीर मरीजों के लिए बन रहा मददगार

ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज गंभीर मरीजों के लिए बन रहा मददगार

ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज गंभीर मरीजों के लिए बन रहा मददगार
- अलवर जिला सहित समीपवर्ती राज्यों के मरीज ले रहे स्वास्थ्य लाभ

अलवर. ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज में अत्याधुनिक चिकित्सा सेवाओं व संसाधनों का अलवर जिला सहित समीपवर्ती राज्यों के मरीज लाभ ले रहे है। यहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाओं की उपलब्धता के कारण जटिल बीमारियों से पीडि़त मरीजों को काफी सहुलियत मिल रही है। वहीं, मरीजों की जांच, दवा व उपचार के साथ ही दूर-दराज से आए मरीजों के परिजनों के लिए भोजन व ठहरने की निशुल्क व्यवस्था भी उपलब्ध कराई जा रही है। इसके कारण बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए अब यहां आ रहे हैं।

प्रतिदिन 1200 मरीजों की ओपीडी

ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज में मेडिसन, सर्जरी, हड्डी रोग, स्त्री रोग, शिशु रोग, नेत्र रोग, ईएनटी व न्यूरोलोजी आदि की अलग-अलग ओपीडी की सुविधा है। यहां करीब 1200 मरीज प्रतिदिन चिकित्सा सेवाओं का लाभ ले रहें हैं। वहीं, सभी बीमारियों की विशेषज्ञ सेवाएं भी उपलब्ध होने से अलवर सहित समीपवर्ती क्षेत्रों से गंभीर बीमारियों से पीडि़त मरीज अब दिल्ली व जयपुर की जगह ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज की रूख कर रहे हैं।

365 बेड की सुविधा

अस्पताल के सामान्य वार्ड में 330 बेड सुविधा के साथ ही प्रत्येक विभाग में मेल व फीमेल के लिए अलग-अलग वार्ड उपलब्ध हैं। इसके अलावा अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में मरीजों के लिए 30 बेड लगाए गए हैं। इसमें लू, उल्टी- दस्त सहित गर्मी जनित बीमारियों के करीब 10-15 मरीज भर्ती है। इसके साथ ही 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के जीरियाट्रिक वार्ड में भी करीब 15 मरीज भर्ती है। जिन्हें वार्ड में ही जांच सहित सभी चिकित्सकीय सुविधाओं के साथ ही नियमित योगाभ्यास कराया जा रहा है।

3 महीने में किए 300 ऑपरेशन

कॉलेज के न्यूरालोजी विभाग में पिछले 3 महीने में गंभीर मूत्र रोग, गुर्दे की पथरी की सर्जरी व कैंसर की गांठ सहित अन्य बीमारियों के 300 से अधिक जटिल ऑपरेशन किए जा चुके हैं। इनमें अलवर शहर, भिवाड़ी, नीमराणा, बहरोड़, रामगढ़ सहित अलवर जिले के मेवात क्षेत्र तथा भरतपुर, दौसा, हरियाणा व उत्तरप्रदेश के मरीज शामिल हैं।

ये सुविधाएं भी उपलब्ध

बीमित वरिष्ठ नागरिकों को फ्री होम सेंपल कलेक्शन की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इसके साथ ही फ्री होम ड्रग डिलीवरी की सुविधा के तहत बीपी, हार्ट व शूगर आदि बीमारी के मरीजों को पोस्ट ऑफिस के जरिए घर पर दवाएं पहुंचाई जा रही है। ताकि उन्हें दवाओं के लिए अस्पताल नहीं आना पड़े। वहीं, अस्पताल के एक भाग में बने पेशेंट रिलेटिव ऐरिया में दूर-दराज से आए मरीजों के परिवारों के लिए निशुल्क भोजन व ठहरने की सुविधा उपलब्ध है। इस भवन में 30 परिवारों के ठहरने की बेहतर सुविधा है। इसका लाभ अभी 8 मरीजों के परिजन ले रहे हैं। वहीं, कंपनी स्वास्थ्य गोद कार्यक्रम के तहत कॉलेज के व्यवसायिक रोग केन्द्र की ओर से अभी तक 15 निजी कंपनियों को गोद लिया जा चुका है। इसके लिए अस्पताल में अलग से आरओडीसी वार्ड बनाया हुआ है। वहीं, अलवर शहर से 2 बस व बहरोड़ व नीमराणा से भी मरीजों को अस्पताल लाने के लिए निशुल्क बस सेवाएं संचालित है।

विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध

अस्पताल में अत्याधुनिक संसाधनों के साथ ही सभी बीमारियों की विशेषज्ञ उपलब्ध कराई जा रही है। ऐसे में अलवर जिला सहित आसपास के राज्यों से गंभीर बीमारियों के मरीज यहां उपचार के लिए आ रहे हैं।

-डॉ. नंदकिशोर अल्वा, डीन, ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज, एमआईए।