विधायक यादव ने आरोप लगाया कि बेरोजगार युवाओं, गरीब, मजदूरों के बच्चों से नौकरी के नाम पर दलालों के माध्यम से अवैध वसूली शर्मनाक है। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक उन लोगों से रिश्वत मांग रहे हैं, जिन्होंने उन्हें सांसद बनाने के लिए प्रचार किया। कोरोना की आपदा में लोग दूसरों की मदद को आगे आ रहे थे, वहीं सांसद इस आपदा में भी अपने लिए अवसर ढूंढ रहे थे। इतना ही नहीं खुद के कोराणा गांव में सांसद पैसे के बिना नौकरी नहीं लगने और इसके लिए पीए कुलदीप से बात करने को कहा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस भर्ती के नाम पर करोड़ों रुपए उगाए जा रहे हैं। भर्ती करने वाली कम्पनी से लेकर सांसद तक इस मामले में बंदरबाट होने तथा सभी दोषी लोगों की गिरफ्तारी की मांग की।