
ईएसआइसी घोटाला: बहरोड़ विधायक बलजीत यादव ने सांसद बालकनाथ का इस्तीफा मांगा, बोले- मोह माया से दूर रहें साधू
अलवर. बहरोड़ से निर्दलीय विधायक बलजीत यादव ने इएसआइसी मेडिकल कॉलेज में संविदा पर नर्सिंग कर्मियों की भर्ती में गरीब व जरूरतमंद युवाओं से अवैध तरीके से राशि वसूलने को लोकतंत्र पर कलंक बताया। प्रकरण से जुड़े कुलदीप यादव को उन्होंने अलवर सांसद महंत बालकनाथ योगी का निकट रिश्तेदार (फूफा)बताया और दलालों के साथ मिलकर नर्सिंग स्टाफ भर्ती मामले में युवाओं से राशि वसूलने का आरोप लगाया।
विधायक यादव ने शुक्रवार को सर्किट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए सांसद बालकनाथ से नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देने की मांग की तथा प्रकरण को लेकर प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर ऐसे जनप्रतिनिधियों को पार्टी से बाहर करने का आग्रह किया। वहीं पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों को कड़ी सजा दिलवाने के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि प्रकरण में दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो विधानसभा के आगामी सत्र में इस मामले को उठाया जाएगा।
विधायक यादव ने आरोप लगाया कि बेरोजगार युवाओं, गरीब, मजदूरों के बच्चों से नौकरी के नाम पर दलालों के माध्यम से अवैध वसूली शर्मनाक है। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक उन लोगों से रिश्वत मांग रहे हैं, जिन्होंने उन्हें सांसद बनाने के लिए प्रचार किया। कोरोना की आपदा में लोग दूसरों की मदद को आगे आ रहे थे, वहीं सांसद इस आपदा में भी अपने लिए अवसर ढूंढ रहे थे। इतना ही नहीं खुद के कोराणा गांव में सांसद पैसे के बिना नौकरी नहीं लगने और इसके लिए पीए कुलदीप से बात करने को कहा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस भर्ती के नाम पर करोड़ों रुपए उगाए जा रहे हैं। भर्ती करने वाली कम्पनी से लेकर सांसद तक इस मामले में बंदरबाट होने तथा सभी दोषी लोगों की गिरफ्तारी की मांग की।
साधु को मोहमाया से रहना चाहिए दूर
विधायक बलजीत यादव ने कहा कि साधु को मोहमाया से दूर रहकर समाज में जागृति लाने का कार्य करना चाहिए। लेकिन सांसद अरबों की सम्पत्ति के मालिक हैं और विलासिता का जीवन जीते हैं। उनके गुरू महंत चांदनाथ को भी लोगों ने देख लिया। उन्होंने चेतावनी दी कि सांसद बालकनाथ अपने कर्मों को सुधार लें या फिर भगवा वस्त्र तो त्याग दें।
कांग्रेस व भाजपा नैतिक धर्म निभाए
विधायक यादव ने कहा कि नर्सिंग कर्मियों की नियुक्ति में अवैध तरीके से राशि वसूलने के मामले में कांग्रेस व भाजपा को नैतिक धर्म निभाना चाहिए। लोगों को ऐसे जनप्रतिनिधियों का बहिष्कार करना चाहिए। एसीबी को इस प्रकरण की तह तक जाकर जांच करनी चाहिए और दलालों व अवैध तरीके से राशि लेने वालों को बेनकाब कर उनकी भूमिका उजागर करें। उन्होंने कांग्रेस के एक नेता का भी प्रकरण में नाम जुडऩे को लेकर कहा कि किसी का भी नाम आए, एसीबी को उनके नाम उजागर करने चाहिए।
Published on:
19 Jun 2021 08:26 am
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