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Alwar Crime: पूर्व पालिकाध्यक्ष के देवर पर पैरा कमांडो की पत्नी से जबरदस्ती करने और मारपीट करके कपड़े फाड़ने का आरोप

Rajasthan Crime News: अलवर के रामगढ़ क्षेत्र में एक पैरा कमांडो की पत्नी से मारपीट और जबरदस्ती करने का गंभीर मामला सामने आया है। घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया लेकिन मुख्य आरोपी अभी फरार है।

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अलवर

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Akshita Deora

Jun 02, 2026

Baliram Saini husband of former Municipal Chairperson Shakuntala Saini

आरोपी पूरणमल सैनी की फोटो: पत्रिका

जम्मू-कश्मीर में भारत-पाक सीमा पर तैनात सेना के पैरा कमांडो की पत्नी से मारपीट और अभद्रता के मामले में अलवर के रामगढ़ थाना पुलिस ने पूर्व पालिकाध्यक्ष शकुंतला सैनी के पति पूरणमल उर्फ बलिराम सैनी को गिरफ्तार कर लिया है। मुख्य आरोपी पूर्व पालिकाध्यक्ष का देवर कृष्ण सैनी अभी फरार है। गत 9 मई को कस्बे के भैरूजी मोहल्ला निवासी एक महिला ने रामगढ़ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह घर पर अकेली थी। तभी पूर्व पालिकाध्यक्ष शकुंतला सैनी का देवर कृष्ण पुत्र मंगतूराम उसके घर में घुसा और अभद्र व्यवहार करते हुए जबरदस्ती करने लगा।

विरोध करने पर मारपीट की तथा कपड़े फाड़ दिए। पानी की पाइप और लात-घूंसों से मारपीट की। बीच-बचाव करने आए उसके देवर और ससुर के साथ भी मारपीट की। घटना के दौरान पूर्व पालिकाध्यक्ष शकुंतला सैनी का पति पूरणमल सैनी उर्फ बलिराम सैनी उसके घर बाहर मौजूद था लेकिन उसने बीच-बचाव नहीं किया। रामगढ़ डीएसपी पिंटू कुमार ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज होने के बाद से पुलिस आरोपियों के घर तथा अन्य ठिकानों पर दबिश दे रही थी। आरोपी अपना मोबाइल फोन स्विच ऑफ कर फरार हो गए थे।

पुलिस ने ऐसे पकड़ा आरोपी को

पुलिस ने आरोपी पूरणमल उर्फ बलिराम सैनी को पकड़ने के लिए सुनियोजित तरीके से कार्रवाई को अंजाम दिया। थानाधिकारी अजीत बड़सरा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सबसे पहले उसके घर पर दबिश दी जहां मुख्य दरवाजा बंद था जिस पर ताला लगा हुआ मिला। पुलिस को पहले से ही आशंका थी कि आरोपी घर के अंदर छिपा हो सकता है इसलिए उन्होंने पूरे क्षेत्र की निगरानी शुरू कर दी और आसपास के संभावित भागने के रास्तों पर भी नजर रखी। स्थिति को भांपते हुए पुलिस ने एहतियातन घर की बिजली सप्लाई बाहर से बंद कर दी ताकि आरोपी बाहर निकलने पर मजबूर हो सके। इसके बाद पुलिस टीम कुछ समय के लिए वहां से हट गई ताकि आरोपी को ये भ्रम रहे कि अब कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।

रात के समय जैसे ही आरोपी अपने घर से बाहर निकला वह चुपचाप अपने एक गोदाम की ओर गया। इसी दौरान पहले से तैनात पुलिस टीम ने उसकी गतिविधियों पर नजर रखी और उसका पीछा किया। कुछ समय बाद उसे शमशान घाट के पास घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया गया। इस पूरी कार्रवाई में परिवादी पक्ष ने भी पुलिस का सहयोग किया और आरोपी की पहचान तथा गतिविधियों की जानकारी देकर मदद की। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसे थाने लाकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की और फिर उसे अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया।