अलवर. ग्राम पंचायत अलावड़ा में सोमवार को सरपंच जुम्मा खां के आवास पर क्षेत्रीय किसानों ने नहरी पानी की मांग को लेकर बैठक की। बैठक में 25 मई को खोरपुरी के तिबारा मंदिर, बड़ौदामेव में होने वाली किसान महापंचायत को सफल बनाने के लिए चर्चा की।
बैठक में किसान वक्ता वीरेंद्र मौर ने कहा कि राज्य सरकार से मांग की है कि 2017 में पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना की डीपीआर में रूपारेल नदी का कैचमेंट एरिया नहीं जोड़ा गया है जिसके लिए लंबे समय से क्षेत्र के किसान आंदोलन कर रहे हैं। किसानों की मांग है कि ईआरसीपी प्रोजेक्ट में रूपारेल नदी क्षेत्र के आसपास सभी बांधों को जोड़ा जाए, ताकि क्षेत्र में चंबल का नहरी पानी लाया जा सके। अभी ईआरसीपी प्रोजेक्ट का पानी अलवर शहर और डीएमआईसी इंडस्ट्रीज को प्रस्तावित है, लेकिन सबसे ज्यादा पानी की जरूरत किसानों को है, बारिश नहीं होने के कारण फसल हर साल नष्ट होने की स्थिति बनी रहती है। पीने के पानी के लिए भी लोग दर-दर भटकने को मजबूर हंै।
कई बार कर चुके आंदोलन
किसानों ने कहा कि पानी की मांग को लेकर वो कई बार आंदोलन कर चुके हैं। अधिकारी किसानों को आश्वासन देते हैं और बाद में वादा-खिलाफी पर उतर आते हैं। किसानों का शोषण हो रहा है। गौरतलब है कि आईसीपी प्रोजेक्ट को केंद्र सरकार ने अभी तक राष्ट्रीय परियोजना घोषित नहीं किया है ।2017 में बने इस प्रोजेक्ट को 2023 में पूरा हो जाना था लेकिन अभी तक यह प्रोजेक्ट शुरू भी नहीं हुआ है ।