
अलवर में दिवाली पर फिश एक्वारियम का क्रेज, जानिए क्यों दिवाली पर फिश एक्वारियम खरीदते हैं लोग
अलवर. प्र्राचीन काल से ही यह माना जाता रहा है कि मछलियां घर में लक्ष्मी लाती हैं और इन्हें पालने वालों को धन की प्राप्ति होती है। इसी मान्यता के आधार पर राजा महाराज अपने किलों में तालाब बनवाकर मछली रखते थे।
अब घरों व कार्यालयों में फिश एक्वेरियम लगाने का क्रेज बना हुआ है। इस बार दीपावली पर फिश एक्वेरियम की जमकर बिक्री हुई। एक्वरियम मच्छलियों का घर होता है। एक्सवेरियम को घर में नहीं कार्यालयों में भी सजावट के काम में लेने लगे हैं। अब लोग ड्राइंगरूम में मछलियों के एक्वेरियम को खूब रखते हैं। अलवर शहर में एक्वेरियम का क्रेज निरन्तर बढ़ रहा है। यहां कई तरह की मछलियां एक्वेरियम में रखने के लिए मिलती है जिसके दाम कई तरह के होते हैं। एक्वेरियम को अब सुख व समृद्धि से जोड़ा जा रहा है। यह एक्वेरियम घर के वास्तु के अनुसार लगाने का क्रेज बढ़ता जा रहा है।
एक्वेरियम व मछलियों के विशेषज्ञ व महेन्द्र सैनी का कहना है कि आजकल बाजारों में छोटे से बॉउल से लेकर बड़े से बड़े एक्वेरियम है। एक्वेरियम में मछलियो का घूमना सुकून देता है। मछली को पालने से सुकून मिलता है। इससे जीवन में धन, वैभव, सुख, समृद्धि आती है।
Updated on:
08 Nov 2018 11:15 am
Published on:
08 Nov 2018 11:15 am
