
अलवर. सर्दी के मौसम को सेहत के लिए जितना बेहतर माना जाता है, उतना ही अनुकूल इसे फुलवारी के लिए भी माना गया है। इन दिनों शहर में विभिन्न चौराहों पर स्थानीय स्तर पर पैदा होने वाली फूलों के साथ ही मेरठ, बरेली और कोलकाता के फूलों की महक भी हर किसी को अपनी तरफ आकर्षित कर रही है।
सर्दी के मौसम को फूलों की पैदावार के लिए उपयुक्त माना जाता है। इस मौसम में वे लोग जिन्हें बागवानी का शौक है वे विभिन्न प्रजाति के फूलों से अपनी बगिया को महकाने में जुट गए हैं। शहर के होपसर्कस, अंबेडकर चौराहा, मनुमार्ग, स्कीम नंबर १ आदि जगहों पर मेरठ, बरेली और कोलकाता से आए मिमुलस, वॉल फ्लॉवर, डेजी, डायमोर फोटिका, गजेनिया, हेली क्राइसम, आइस प्लांटस की मांग बहुत ज्यादा है।
इसके अलावा गुलदावरी, गुलाब, गुडहल के अलावा गेंदा, सूरजमुखी फूल के पौधे भी बिक रहे हैं। इधर, शहर के काला कुआं, मूंगस्का, जय पल्टन, बिजली घर चौराहा आदि स्थानों पर नर्सरियों में सुबह से शाम तक फूलों के पौधे खरीदने के लिए लोग पहुंच रहे हैं।
इंडोर प्लांटस की बढ़ी मांग
मनुमार्ग पर बरेली से फूल बेचने आए दुकानदार मुलचंद ने बताया कि लोगों के पास बगीचा बनाने के लिए जमीन नहीं है। लेकिन उन्हें फुलवारी का शौक है। इसलिए घर के अंदर, टेरिस आदि पर पौधे लगाकर अपनी इच्छा पूरी कर रहे हैं। इंडौर प्लांटस जैसे एलीफेंटा, पाम, आदि की मांग ज्यादा है। इस तरह के पौधों से घर की सुंदरता बढ़ जाती है।
क्रिसमस ट्री की बढ़ी मांग
फूल विक्रेताओं के यहां पर मौसमी फूल, फल व सब्जी के पौधों के अलावा क्रिसमस ट्री की मांग बहुत ज्यादा है। नर्सरियों में ये पौधे आकार के अनुसार 25 रुपए से लेकर 250 रुपए तक की कीमत पर बिक रहे हैं। क्रिसमस से पहले यह खूब बिक रहा है। जबकि अन्य पौधों की कीमत भी 25 से लेकर 400 रुपए तक ही है।
Published on:
16 Dec 2017 02:54 pm
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