
जिले में पीने को नहीं मिल रहा शुद्ध जल, कैसे रहेगा शरीर स्वस्थ ‘कल’
फ्लोराइड, नाइट्रेट और टीडीएस की मात्रा मिल रही काफी अधिक
प्रयोगशाला में लिए जा रहे नमूने, विभाग की कार्रवाई नहीं बढ़ पा रही इससे आगे
अलवर. जिले में पानी की गुणवत्ता खराब हो चुकी है। पानी में फ्लोराइड, नाइट्रेट और टीडीएस की मात्रा लगातार बढ़ रही है, जो स्वास्थ्य के लिए घातक साबित हो रही है। जलदाय विभाग पानी की गुणवत्ता जांच तो कर रहा है, लेकिन उसमें सुधार के लिए प्रयास नहीं कर रहा। यदि अलवर में सतही जल योजना ले आई जाए तो पानी की गुणवत्ता में सुधार हो सकता है और लोगों को पीने के लिए शुद्ध पानी नसीब हो सकता है।
प्रयोगशाला में 1500 से ज्यादा सेम्पल जांच की
जलदाय विभाग की विधि विज्ञान प्रयोगशाला की ओर से हर साल पानी के सेम्पल लेकर जांच की जाती है। इस साल मई माह तक प्रयोगशाला में 1500 से ज्यादा पानी के सेम्पल की जांच की जा चुकी है, जिनमें पानी में केमिकल के 162, बैक्ट्रियोलॉजिकल के 294, अवशेष क्लोरीन की 433 और ग्रामीण क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के तहत 642 सेम्पल की जांच की जा चुकी है। उधर, वरिष्ठ रसायज्ञ उम्मेदसिंह यादव का कहना है कि अलवर जिले में पानी की गुणवत्ता की जांच के लिए सेम्पलिंग लगातार की जा रही है।
गोविंदगढ़ और खेरली के पानी में फ्लोराइड
जिले के अलवर शहर, गोविंदगढ़ और खेरली क्षेत्र में पानी में फ्लोराइड की मात्रा काफी अधिक पाई जा रही है। खेरली में पानी में फ्लोराइड की मात्रा 1.9 एमजी प्रति लीटर, अलवर में 1.2 तथा गोविंदगढ़ में 1.0 एमजी प्रति लीटर पाई जा रही है। इसके अलावा अलवर शहर, राजगढ़, और गोविंदगढ़ के कुछ क्षेत्र ऐसे हैं जहां के पानी में हाई फ्लोराइड पाया जा रहा है। अलवर शहर के पानी मे हार्डनेस भी ज्यादा पाई जा रही है।
कठूमर और लक्ष्मणगढ़ में टीडीएस अधिक
जानकारी के अनुसार अलवर जिले का लक्ष्मगणढ़ और कठूमर क्षेत्र के पानी में टीडीएस (टोटल डिजोल्ड सोलिड) की मात्रा काफी अधिक है। यहां के पानी में टीडीएस की मात्रा 4000 से 6000 एमजी प्रति लीटर तक पाई जा रही है। इसके अलावा गोविंदगढ़, खेरली, राजगढ़ और तिजारा में पानी में टीडीएस की मात्रा अधिक है।
औद्योगिक क्षेत्रों के पानी में नाइट्रेट का ‘जहर’
जिले के औद्योगिक क्षेत्र और उनके आसपास के इलाके का पानी विषैला हो चुका है। तिजारा, खैरथल, भिवाड़ी और किशनगढ़बास के पानी में नाइट्रेट का जहर घुल रहा है। विभाग की जांच रिपोर्ट के मुताबिक तिजारा के पानी में नाइट्रेट की मात्रा 165, खैरथल में 118, भिवाड़ी में 92 और किशनगढ़बास में 78 एमजी प्रति लीटर मिली है। राजगढ़ के पानी में नाइट्रेट 54 एमजी प्रति लीटर मिला है।
आरओ प्लांट भी लगा रहे
जिले की जलापूर्ति भूजल पर निर्भर है। जिसके कारण पानी में फ्लोराइड, नाइट्रेट और टीडीएस आदि की मात्रा अधिक पाई जाती है। जिन ग्रामीण क्षेत्रों में पानी में इन तत्वों की मात्रा अधिक है। वहां पानी की गुणवत्ता में सुधार के लिए आरओ प्लांट भी लगाए हुए हैं।
- अनिल कच्छावा, अधीक्षण अभियंता, जलदाय विभाग, अलवर।
Published on:
05 Jul 2023 12:05 pm
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