
Liquor sellers food license,
अलवर. सरकार ने शराब विक्रेताओं को भी फूड लाइसेंस के दायरे में ले लिया है। मिलावटी शराब को लेकर प्रदेशभर में मिल रही शिकायतों के बाद यह निर्णय किया गया है।
हालांकि अभी खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण विभाग को आदेश मिलने का इंतजार है। शराब की दुकानों से लिए गए नमूनों की जांच खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग की लैब में होगी, लेकिन दुकानों पर छापेमारी और नमूने लेने का अधिकार खाद्य सुरक्षा विभाग के पास होगा अथवा आबकारी विभाग के पास, इस पर अभी निर्णय नहीं हो सका है। इस संबंध में खाद्य सुरक्षा विभाग ने प्रदेश भर में आबकारी विभाग के अतिरिक्त आयुक्तों को पत्र लिखकर शराब कारोबारियों को फूड लाइसेंस लेने के लिए पाबंद करने के लिए कहा है।
नए नियमों के अनुसार श्रेणी के अनुसार शराब के अलग-अलग मानक तय किए गए हैं। इसमें एल्कोहॉल के अलावा अन्य पदार्थों की मात्रा भी निर्धारित की गई है। इससे अधिक या कम मात्रा होने पर दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। नकली शराब से कई बार मौत की घटनाएं भी सामने आती रहती है, लेकिन इन पर नियंत्रण की कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं है। वर्तमान व्यवस्था के अनुसार आबकारी विभाग की ओर से शराब के वैध और अवैध कारोबार पर तो निगरानी रखी जाती है, लेकिन मिलावट व गुणवत्ता की जांच की अभी कोई व्यवस्था नहीं है।
अनुमति पत्र नहीं लिया तो 10 लाख रुपए तक जुर्माना
शराब विक्रेताओं के लिए फूड लाइसेंस लेना अनिवार्य किया गया है। इसे लेकर पिछले महीने तीन दिन तक समझाइश अभियान चलाया गया। अगर विक्रेता के बिना फूड लाइसेंस शराब बेचता है तो नए प्रावधानों के अनुसार विभाग उस पर 10 लाख रुपए तक का जुर्माना लगा सकता है।
फूड सेफ्टी एक्ट 2006 के अंतर्गत सभी खाद्य कारोबारियों को अपने वार्षिक टर्नओवर व प्रतिदिन की उत्पादन क्षमता के अनुसार खाद्य लाइसेंस अनिवार्य किया गया है। इसके लिए लाइसेेंस शुल्क 2 हजार रुपए निर्धारित है। वहीं, ऐल्कोहॉल बेवरेज का कारोबार करने वाले विक्रेता, निर्माता, भंडारण कार्य और परिवहनकर्ता को भी अब लाइसेंस लेना होगा। इसके लिए ई-मित्र पर फॉस कोस वेबसाइट पर आवेदन किया जा सकता है।
खाद्य सुरक्षा व औषधि नियंत्रण आयुक्त के निर्देश पर फूड लाइसेंस अनिवार्य किया गया है। इस संबंध में सीएमएचओ ने भी जिला आबकारी अधिकारी को पत्र लिखकर शराब विक्रेताओं को फूड लाइसेंस बनवाने के लिए पाबंद करने को कहा गया था।
केशव गोयल, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, अलवर
Updated on:
22 Jun 2024 12:10 pm
Published on:
22 Jun 2024 12:02 pm

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