डॉ. रोहिताश्व शर्मा ने मंगलवार को अलवर में सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि जिस देश में किसान सुरक्षित नहीं, उस सरकार भी भविष्य नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने दो साल में किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया था, यह दो साल पूरे होने में करीब छह महीने का समय बचा है, लेकिन किसानों की हालत पहले जैसी ही है। किसान सडक़ों पर है, लेकिन प्रधानमंत्री ने उनकी सुध नहीं ली। जबकि किसान भारत की आत्मा है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर अपरोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू का जिक्र कर कहा कि उन्होंने दूसरी पंचवर्षीय योजना में कृषि को तीसरे स्थान पर शामिल किया, अब जबकि भारत में सशक्त प्रधानमंत्री हैं, फिर तो कृषि को पहला स्थान मिलना चाहिए। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी की तारीफ कर कहा कि उन्होंने गांवों से शहरों तक सडक़ों का जाल बिछाया, नदियों को जोडऩे का कार्य शुरू किया। उन्होंने तीन कृषि बिलों को सरकार की गलत संगत का असर बताया।