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दोस्त की मां की तबियत ख़राब थी, 420 किलोमीटर दूर चंडीगढ़ से बाइक पर 8 घंटे में रेमडेसिविर लेकर अलवर पहुंचे अर्जुन

अर्जुन का कहना है कि वे और साहिल भाई जैसे हैं। उनकी मां मेरी भी मां है। 13 मई दोपहर को इस बारे में पता चला, 4 बजे तक दो डोज़ की व्यवस्था हुई और बाइक से साढ़े चार बजे चंडीगढ़ से रवाना हुए और रात साढ़े 12 बजे अलवर पहुंचे।

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अलवर

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Lubhavan Joshi

May 19, 2021

Friend Provide Remdesivir Injection From Chandigarh To Alwar On Bike

दोस्त की मां की तबियत ख़राब थी, 420 किलोमीटर दूर चंडीगढ़ से बाइक पर 8 घंटे में रेमडेसिविर लेकर अलवर पहुंचे अर्जुन

अलवर. कोरोना का यह दौर मुश्किल है। लेकिन अगर दोस्त साथ हो तो मुश्किलें आसान हो जाती है। चंडीगढ़ में रहने वाले अर्जुन ने मुश्किल समय में सच्ची दोस्ती निभाई है। उन्होंने 420 किलोमीटर दूर चंडीगढ़ से अलवर तक का सफर बाइक पर 8 घंटे में पूरा कर अपने दोस्त की मां के लिए रेमडेसिविर इंजेक्शन की व्यवस्था कर डाली। दरअसल, अलवर के घोडेफेर चौराहा निवासी साहिल राठौड़ की मां कोरोना संक्रमित हैं। जिनका ऑक्सीजन सैचुरेशन 84 के आसपास था। चिकित्सकों ने तत्काल रेमेडेसिविर इंजेक्शन की व्यवस्था करने के लिए कहा। अलवर में इसकी व्यवस्था नहीं हो सकी। साहिल की इस बारे में अपने दोस्त अर्जुन से बात हो रही थी।

अर्जुन को जैसे ही पता चला कि दोस्त की मां को इंजेक्शन की तत्काल आवश्यकता है। वे चंडीगढ़ में ही रेमेडेसिविर की व्यवस्था करने में जुट गए। रेमेडेसिविर मिलते ही वे बिना देर करे बाइक से अलवर के लिए रवाना हुए और 420 किलोमीटर का सफर 8 घंटे में तय कर रेमेडेसिविर पहुंचाए। साहिल ने बताया कि रेमेडेसिविर इंजेक्शन लगने के बाद उनकी मां की तबियत में सुधार है।


हम भाई जैसे, साहिल की मां मेरी मां जैसी

अर्जुन का कहना है कि वे और साहिल भाई जैसे हैं। उनकी मां मेरी भी मां है। 13 मई दोपहर को इस बारे में पता चला, 4 बजे तक दो डोज़ की व्यवस्था हुई और बाइक से साढ़े चार बजे चंडीगढ़ से रवाना हुए और रात साढ़े 12 बजे अलवर पहुंचे। अर्जुन ने साहिल को भी नहीं बताया कि वे इंजेक्शन लेकर आ रहे हैं। नहीं तो वे अर्जुन को मना कर देते। साहिल ने बताया कि उनकी मां को 10 मई को मिलिट्री हॉस्पिटल में भर्ती कराया था, इंजेक्शन लगने के बाद वे ठीक हैं। सेहत में काफी फर्क पड़ा है। साहिल और अर्जुन 11वीं कक्षा से साथ पढ़ रहे हैं। अर्जुन ने बताया कि रास्ते में पुलिसकर्मियों को पता चला कि वे इंजेक्शन देने बाइक से जा रहे हैं तो उन्होंने रास्ता बताया और मदद की।