6 मई 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

गणगौर पर्व आज: कोरोना के कारण लगातार दूसरे साल नहीं निकल रही सवारी, घरों में ही की गई पूजा

कोविड 19 की पालना एवं जिला प्रशासन का सहयोग करते हुए इस बार गणगौर माता की सवारी नहीं निकाली जाएगी। पिछली बार भी कोरोना के चलते गणगौर की सवारी रद्द कर दी गई थी।

2 min read
Google source verification

अलवर

image

Lubhavan Joshi

Apr 15, 2021

Gangaur Festival 2021: Gangaur Savari Affected Due To Coronavirus

गणगौर पर्व आज: कोरोना के कारण लगातार दूसरे साल नहीं निकल रही सवारी, घरों में ही की गई पूजा

अलवर. गणगौर पूजा का पर्व गुरुवार को उत्साह व उमंग के साथ मनाया जा रहा है । बुधवार को नव विवाहिताओं की ओर से सिंजारा मनाया गया। जिसमें ससुराल की ओर से सिंजारा में गुणे, कपडे, सुहाग सामग्री आदि भेजी गई। इसे पहनकर ही गणगौर की पूजा की गई। सिंजारा पर महिलाओं ने मेहंदी लगाई।

पूर्व राज परिवार की ओर से जनानी डयोडी से निकाली जाने वाली गणगौर की सवारी इस बार भी नहीं निकाली जाएगी। पूर्व राजपरिवार के निजी सचिव नरेंद्र सिंह ने बताया कि कोरोना की गाइड लाइन के अनुसार मेलों पर रोक लगी हुई है । इसलिए कोविड 19 की पालना एवं जिला प्रशासन का सहयोग करते हुए इस बार गणगौर माता की सवारी नहीं निकाली जाएगी। उन्होंने बताया कि पिछली बार भी कोरोना के चलते गणगौर की सवारी रद्द कर दी गई थी।

घर घर में गूंजें गणगौर के गीत

इस पर्व को लेकर सुहागिन महिलाएं पिछले कई दिनों से तैयारी में जुटी हुई है। बाजारों में गणगौर की खरीदारी की जा रही है। सौलह दिन से पीहर में रहकर गणगौर की पूजा कर रही नवविवाहिताएं गणगौर पर ईसर की सवारी निकालेंगी। इधर, इस बार बैंडबाजे पर रोक के चलते रौनक कम रहेगी। ज्यादातर जगह पर ढोल ही बुक किए गए हैं। इस दिन घर घर में गणगौर के पारम्परिक लोक गीत गोरिए गणगौर माता, गौर गौमती ईसर पूजे पार्वती को गाकर गणगौर की पूजा की जाएगी। सिंजारा पर महिलाओं ने शाम को गणगौर की सवारी निकाली, जिसमें ईसर व गौर को नगर भ्रमण करवाया गया। जिसमें बालिकाएं नाचते गाते हुए चल रही थी।

गणगौर का होगा उद्यापन, गुणों की हुई बिक्री

गणगौर पूजा करने वाली महिलाएं गणगौर के दिन गणगौर का उद्यापन करती है। जिसमें सौलह सुहागिन महिलाओं को सुहाग सामग्री, गुणे, भोजन, वस्त्र आदि दिए जाते हैं। गणगौर से एक दिन पहले बाजारों में गणगौर पूजा के लिए गुणे आदि की खरीदारी के लिए मिष्ठान विक्रेताओं के यहां भीड़ लगी रही। इधर मिष्ठान विक्रेता भी पिछले कई दिनों से गणगौर की मिठाइयां बनाने में व्यस्त नजर आए।