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अपराध का हश्र: एके-47 से आतंक मचाकर बहरोड़ से भागा था पपला, अब उसी बहरोड़ में बैसाखी के सहारे चलना पड़ रहा

बहरोड़ थाने पर आतंक मचाने वाला कुख्यात अपराधी पपला गुर्जर को चलने के लिए बैसाखी का सहारा लेना पड़ रहा है।

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अलवर

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Lubhavan Joshi

Jan 30, 2021

Gangster Papla Gujjar Walking On Support

अपराध का हश्र: एके-47 से आतंक मचाकर बहरोड़ से भागा था पपला, अब उसी बहरोड़ में बैसाखी के सहारे चलना पड़ रहा

अलवर. दो राज्यों की पुलिस का मोस्ट वांटेड अपराधी पपला गुर्जर, जिसका पिछले छह सालों से हरियाणा और एनसीआर में खौफ रहा। जो पिछले चार साल से पुलिस को भगा रहा है। साल 2017 में हरियाणा के नारनौल कोर्ट में गोली चलाकर फरार होना हो या फिर बहरोड़ थाने में एके-47 से फायर करवा एक पांच घंटे में ही पुलिस की नाक के नीचे से फरार होना। यह सब उसके बाएं हाथ का खेल था। जिस बहरोड़ में 6 सितम्बर 2019 को आतंक मचाकर राजस्थान पुलिस को चुनौती देते हुए पपला फरार हुआ था। अब 16 महीने और 25 दिन बाद उसी बहरोड़ में पपला को बैसाखी के सहारे चलना पढ़ रहा है।

अपने पहलवानी शरीर पर पपला को नाज था, आज उसी शरीर ने पपला का साथ छोड़ दिया है। पपला को चलने के लिए भी बैसाखी का सहारा लेना पड़ रहा है। आज आज बहरोड़ जेल में शिनाख्त परेड करवाने के बाद पपला को फिर से कोर्ट में पेशी पर लाया गया तो पपला बैसाखी के सहारे चलने लगा। चलते समय वो दर्द से करहा रहा था। जब बैसाखी के सहारे भी नहीं चला गया तो पुलिसकर्मी को उसे सहारा देना पड़ा। जी हां! अपराध का यही हश्र तो होता है।

अपराध की दुनिया का कितना भी बड़ा खिलाडी हो, वो कानून से ऊपर नहीं होता। देर से ही सही वो कानून की बेड़ियों में बंध जाता है। हरियाणा के महेंद्रगढ़ कोर्ट में पेशी के दौरान उसके साथियों ने गोलियां बरसाकर उसे भगा लिया था। इसके ढाई साल तक वो फरार रहा। जब 5 सितम्बर 2019 को बहरोड़ में अपराध को अंजाम देने आया तो उसे बहरोड़ पुलिस ने पकड़ लिया। पपला के पास 32 लाख रूपए कैश मिले। इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं की पपला कितना हाई प्रोफाइल अपराधी था।

बहरोड़ पुलिस ने पपला को पकड़ा लेकिन पांच घंटे के भीतर उसके साथी आए और एके-47 से ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर उसे छुड़ाकर ले गए। इसके 16 महीने तक पपला पपला राजस्थान और हरियाणा पुलिस की स्पेशल टीमों को भगाता रहा। पपला अपने मजबूत नेटवर्क के चलते पुलिस को चकमा देता रहा। लेकिन जैसे ही 27 जनवरी की रात राजस्थान पुलिस की स्पेशल टीम ने पपला को घेरा तो वह अपनी महिला मित्र के पीछे छुप गया और उसे मारने की धमकी देने लगा। इसके बाद पपला ने भागना चाहा तो पुलिस के जवानों ने उसे दबोच लिया। इस दौरान उसे चोट आई। जिस बहरोड़ को एके-47 से दहलाकर फरार हुआ था, अब उसी बहरोड़ में वो जंजीरों से जकड़े व्हीलचेयर पर लौटा। एक दिन व्हीलचेयर पर रहा तो अगले दिन बैसाखी का सहारा लेना पड़ा। ऐसो-आराम वाली लग्जरी जिंदगी जीने वाला पपला बहरोड़ में बेबस दिखाई दिया। इससे यही साबित होता है की अपराधी चाहे कितना ही बड़ा हो, अंत में उसका हश्र बुरा ही होता है।