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हे मां! मर गई मानवता, पैरों में पड़ गए थे कीड़े, बच नहीं पाई गायत्री, परिवार वालों ने पूछा तक नहीं

अलवर की गायत्री देवी के पैरों को कीड़ों ने छलनी कर दिया था, दुखद बात यह है कि वे बच नहीं पाई।

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अलवर

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Lubhavan Joshi

Oct 02, 2019

Gayatri Devi Death : Old Women Gayatri Devi Of Alwar Died

हे मां! मर गई मानवता, पैरों में पड़ गए थे कीड़े, बच नहीं पाई गायत्री, परिवार वालों ने पूछा तक नहीं

अलवर. हे मां...गायत्री बच नहीं पाई। कीड़ों और भूख ने उसकी सांसें छीन ली। कीड़ों ने उसके पैर छलनी कर दिए। जिससे वह चल नहीं सकी। एक ही जगह पड़े रहने और भूखी रहने से दम तोड़ दिया। हालांकि आखिरी समय में अपना घर आश्रम का साथ मिला लेकिन, एक दिन बाद ही आश्रम में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। करीब 55 साल की गायत्री बदलते समाज में कई सवाल छोड़ गई। जिन मोहल्ले के लोगों ने गायत्री को दाना-पानी खिलाया। आखिर में उन्होंने ही आश्रम के लोगों से उसकी अस्थियों की मांग की है।

कहां है मानवता

आखिर क्यूं अकेले इंसान की जिंदगी इस कदर खराब हो जाती है कि उसको इस तरह की यातनाएं भुगतनी पड़ती है ? क्या समाज ऐसे लोगों की मदद के लिए आगे नहीं आता। कुछेक संस्था व बहुत कम लोग ही सेवाभावी हैं। जिनके सहारे की वजह से इतने दिन जीवित रही। लेकिन, आखिरी समय में जब कीड़े पड़ गए तो इलाज भी नहीं करा सकी। '

कुछ मदद मिली, जीवन नहीं

गौरतलब है कि अलवर पत्रिका के मुख्यपृष्ठ पर मंगलवार को हे मा - गायत्री की पीडा की हद, पैरों में पड़ गए कीड़े शीर्षक से खबर प्रकाशित की गई थी। गायत्री देवी पिछले कई दिनों से लावारिस जीवन जी रही थी, परिवार के जो लोग थे उन्होंने कभी उसकी सुध ही नहीें ली। बीमारी व लाचारी के चलते स्थिति बहुत दयनीय हो गई थी। देखभाल ना होने से पैरों में कीड़े पड़ गए थे। स्थानीय पार्षद कमलेश देवी के सहयोग से उसको अपनाघर आश्रम में पहुंचाया गया। वहां इलाज के समय उनकी मौत हो गई। गायत्री की मौत की खबर मिलते ही उसे अलवर से भरतपुर पहुंचाने वाले सचिन की आंखों से आंसू आ गए।