
पर्यावरण को बचाना बडी चुनौती, गौ वंश का पालन व उसके उत्पादों का हो अधिक प्रयोग
देश गौ संरक्षण् से ही आत्म निर्भर ओर पर्यावरण प्रदूषण से मुक्ति पा सकता है। यदि हम अपने अस्तित्व को बचाना चाहते हैं ,प्रकृति व पर्यावरण को बचाना चाहते हैँ तो हमें चर्चा नहीं देशी गौ वंश को बचाने की प्रतिज्ञा करनी होगी। अलवर के प्रताप ऑडीटोरियम में नेक कमाई और सार्वजनिक गोशाला समिति की ओर से आयोजित गो कथा महोत्सव में संत राजेन्द्र दास ने यह बात कही।
उन्होंने गौ कथा में गौ माता , पर्यावरण, अर्थव्यवस्था, कृषि और मनुष्य के जीवन के हर पहलु को वैज्ञानिकता के साथ बताया।
मलूक पीठाधेश्वर स्वामी राजेंद्र दास ने कहा कि राज्य सरकार ने गौशालाओं को 9 महीने का अनुदान देकर बेहतर काम किया है। केंद सरकार को सभी गौशालाओं का आधा खर्चा खुद को उठाना चाहिए। वर्तमान में प्रदूषण से मुक्ति भी गोपालन से ही मिल सकती है। हमें शुद्ध सात्विक आहार गो पालन से ही मिल सकता है। किसानों को आत्महत्या के लिए भी मजबूर नही होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अलवर तो बाबा भर्तहरि की तपोभूमि है जहां भर्तहरि नाटक अनोखा है। यहां गो सेवा की परंपरा को युवा भी कर रहे है। देवस्थान विभाग की मंत्री रावत ने स्वामी से भेंट कर कहा कि राज्य में मंदिरों की कायाकल्प के लिए योजना बनाई जा रही है। गोशालायो को चारे की कमी नही होने दी जाएगी। अलवर जिले की ओर से मंत्री टीका राम जूली ने स्वागत किया।
अलवर में हुआ भव्य स्वागतस्वामी राजेन्द्र दास इससे पहले सार्वजनिक गोशाला में गए । जहां उनका गोशाला के अध्यक्ष अजय अग्रवाल ने स्वागत किया। अग्रवाल ने गौशाला की व्यवस्थाएं भी दिखाई। केंडल गंज व्यापारिक संचालन समिति के अध्यक्ष सुरेश जलालपुरिया ने स्वागत किया। रास्ते में जगह जगह इनका स्वागत किया गया। नेक कमाई समूह की ओर से मंजू चौधरी अग्रवाल ने आभार जताया।
Published on:
23 May 2022 09:04 pm
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