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गर्मी में बदली भगवान की दिनचर्या, एसी और कूलर की खा रहे हवा

पहन रहे सूती वस्त्र, पी रहे लस्सी और ठंडाई

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गर्मी में बदली भगवान की दिनचर्या, एसी और कूलर की खा रहे हवा

गर्मी में बदली भगवान की दिनचर्या, एसी और कूलर की खा रहे हवा

अलवर. जून माह में गर्मी का असर अधिक नजर आ रहा है। गर्मी के मौसम में मंदिरों में पुजारियों ने भगवान के लिए खानपान व पहनावे में बदलाव किया है। मंदिरों में भगवान की प्रतिमाओं को ठंडे पेय पदार्थ पिलाए जा रहे हैँ और गर्मी से बचाव के लिए सूती कपड़े की पोशाक पहनाई जा रही है।


पुराना कटला जगन्नाथ मंदिर के पुजारी पंडित देवेंद्र शर्मा ने बताया कि गर्मी में भगवान के खानपान का मीनू पूरी तरह से बदल गया है। नाश्ते में भगवान को ठंडे पेय पदार्थ दिए जा रहे हैं। भगवान को गर्मी से बचाव के लिए कूलर व पंखे लगाए गए हैं। वेंकटेश बालाजी धाम मंदिर के महंत स्वामी सुदर्शनाचार्य ने बताया कि मंदिर में विराजमान भगवान को गर्मी में सूती वस्त्र पहनाए गए हैं। मंदिर में भगवान की प्रतिमाओं के पास कूलर लगाए गए हैं।


महल चौक में वनरूप बिहारी को सत्तू, शर्बत , घाट की राबडी का भोग लगाया जाता है। मंदिर के पुजारी गजेंद्र शर्मा कटोरी वाला ने बताया कि बाल भोग में शुरू में मक्खन व छाछ, राजभोग में ऋतु फल तरबूज व खरबूज के साथ आम का भोग लगाया जाता है। गर्मी में भोग के दौरान हल्का भोजन दिया जाता है। भगवान गर्मी में जल्दी उठते हैँ और देर तक सोते हैं। इसलिए पूजा अर्चना का समय भी बदल गया है। डाकघर हनुमान मंदिर में रामदरबार मंदिर में भी भगवान को सूती वस्त्र पहनाए गए हैं और पंखा भी लगाया हुआ है।