
राजस्थान में मिले सोने के भंडार, एक खान से निकलेगा 222 टन सोना
जयपुर। राजस्थान भी अब देश के सोना उत्पादक राज्यों में शामिल होने जा रहा है। प्रदेश में पहली सोने की खदान की नीलामी 2 व 3 मई को होगी। यह खानें बांसवाड़ा के भूकिया-जगपुरा और कांकरिया-गारा में मौजूद हैं। इनमें 940.26 हैक्टेयर में 113.52 मिलियन टन स्वर्ण अयस्क का आरंभिक आकलन किया गया है, जिसमें सोने के धातु की मात्रा 222.39 टन आंकी गई है।
इसी तरह कांकरिया-गारा में 205 हैक्टेयर क्षेत्रफल में 1.24 मिलियन टन स्वर्ण अयस्क संभावित हैं। खानों की नीलामी भारत सरकार के पोर्टल एमएसटीसी के जरिए होगी। इस साइट पर खान विभाग ने टेण्डर डाक्यूमेंट भी उपलब्ध करा दिया है। ई-नीलामी में देश-दुनिया की कोई भी कंपनी भारत सरकार के पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराकर हिस्सा ले सकती है।
खान सचिव आनन्दी ने बताया कि इनमें भूकिया-जगपुरा की माइनिंग लीज और कांकरिया-गारा की कंपोजिट लाइसेंस (खोज व खनन) के लिए ई-नीलामी होगी। ई-नीलामी कार्यक्रम के अनुसार 21 मार्च तक टेंडर डॉक्यूमेंट क्रय किया जा सकता है। तकनीकी बिड प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 12 अप्रेल रखी गई है। इसके बाद भूकिया-जगपुरा गोल्ड माइंस के माइनिंग लाइसेंस के लिए 2 मई और कांकरिया-गारा के कंपोजिट लाइसेंस के लिए 3 मई को ई-नीलामी की जाएगी।
ये कीमती खनिज भी निकलेंगे
गोल्ड की इन खानों से सोने के साथ ही प्रचुर मात्रा में अन्य सह खनिज भी प्राप्त होंगे। इससे इलेक्ट्रोनिक, पेट्रोलियम, पेट्रोकेमिकल, बैटरी, एयर बैग सहित कई उद्योगों में नए निवेश के साथ ही प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर मिलेंगे। इलेक्ट्रोनिक क्षेत्र में कच्चे माल की उपलब्धता, बैटरी उद्योग, सिक्कों की ढ़लाई, इलेक्ट्रोनिक उद्योग आदि को बूम मिलेगा।
कर्नाटक-आंध्र में हो रहा खनन
देश में अभी सरकारी क्षेत्र में कर्नाटक में हुट्टी गोल्ड माइंस कंपनी की ओर से गोल्ड का खनन किया जा रहा है और कर्नाटक के ही कोलार गोल्ड फिल्ड में काम हो रहा है। निजी क्षेत्र में मुन्द्रा ग्रुप की रामा माइंस की ओर से इस क्षेत्र में खोज और खनन का काम हो रहा है। आंध्र प्रदेश में डेक्कनगोल्ड माइंस की ओर से गोल्ड प्रोजेक्ट पर काम किया जा रहा है।
Updated on:
6 Mar 2024, 8:09 PM IST
Published on:
6 Mar 2024, 7:50 PM IST
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