
अच्छी पहल : रिश्तों की खाई पाटकर दांपत्य जीवन में मिठास घोल रही बहरोड़ पुलिस
बहरोड़. एक ओर जहां आज दहेज के चलते रिश्ते टूट व बिखर रहे है तो वहीं दूसरी ओर दहेज के मामलों में पुलिस की काउंसङ्क्षलग बेहतर कार्य कर रही है। पुलिस विभाग द्वारा महिला उत्पीडऩ को लेकर थानों में अलग से महिला डेस्क स्थापित कर रखी है। जिनके द्वारा महिला अत्याचार सम्बन्धित मामलों की सुनवाई की जाती है। बहरोड़ पुलिस ने बताया कि थाने में हर माह आधा दर्जन दहेज उत्पीडऩ के मामले दर्ज होते हैं। जिसमे पुलिस की महिला डेस्क बेहतर कार्य कर रही है और पिछले दो माह में पुलिस ने काउंसिङ्क्षलग करा कर एक दर्जन परिवारों को टूटने से बचाने का कार्य किया है। पुलिस ने बताया कि दोनों परिवारों को आमने सामने बैठा कर पुलिस द्वारा उनके मन में चल रहे दहेज व महिला उत्पीडऩ को लेकर विचार विमर्श किया जाता है। जिसके चलते दोनों ही पक्षों के बीच गांव के बड़े बुजुर्गों को बैठा कर सुलह करवाई जा रही है। ऐसे में बहरोड़ पुलिस ने पिछले छह माह में एक दर्जन परिवारों को टूटने से बचाने का कार्य किया है।
काउंसङ्क्षलग से दूर हो रहे मनमुटाव : बहरोड़ थानाधिकारी विरेन्द्रपाल ङ्क्षसह ने बताया कि पुलिस दोनों पक्षों को आमने सामने बैठा कर घर परिवार व गांव के बड़े बुजुर्गों के बीच बातचीत करवाई जाती है। जिससे दोनों पक्षों में जो मनमुटाव की स्थिति बन रही होती है वह काउंसङ्क्षलग के माध्यम से दूर हो रही है ।
और पुलिस ने बेहतर काउंसङ्क्षलग करा कर इस वर्ष करीब एक दर्जन परिवारों के रिश्ते टूटने से बचाने का कार्य किया है।
फोटो:-पुलिस थाने में दहेज के मामले को लेकर काउंसिङ्क्षलग के लिए बैठे।
हर माह होते है आधा दर्जन मामले दर्ज
थाने में हर माह आधा दर्जन मामले दहेज उत्पीडऩ व महिला अत्याचार को लेकर कोर्ट इस्तगासे व अन्य माध्यमों से दर्ज होते है। ऐसे में दहेज उत्पीडऩ व महिला अत्याचार को लेकर थानों में अलग से इसकी सुनवाई के लिए महिला कांस्टेबल व अन्य महिला पुलिस अधिकारियों की नियुक्ति कर रखी है। जिनके द्वारा पुलिस थानों में आने वाले दहेज उत्पीडऩ व महिला अत्याचार के मामले दर्ज करने से पहले दोनों पक्षों को आमने सामने बैठा कर काउंसिङ्क्षलग करवाई जाती है।
Published on:
17 Jul 2022 01:54 am
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