
अलवर-राजगढ़ सड़क मार्ग को फोरलेन में तब्दील किया जाएगा। इस मार्ग पर सबसे ज्यादा सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। इसी को देखते हुए सड़क सुरक्षा अभियान के तहत इस मार्ग को दुर्घटना मुक्त बनाने के लिए पीडब्ल्यूडी ने यह योजना बनाई है। फोरलेन बनने के बाद अलवर से राजगढ़ तक का सफर 70 मिनट की बजाय 40 मिनट में पूरा होगा। अलवर-राजगढ़ मार्ग से हर दिन 5 लाख से ज्यादा छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं।
इस मार्ग से जयपुर, दौसा, थानागाजी, लक्ष्मणगढ़, महुआ आदि जगहों के लिए वाहन निकलते हैं। मालाखेड़ा, रैणी के लोग भी आते-जाते हैं। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर जाने के लिए भी यह रास्ता पिनान को जोड़ता है।
इस समय 40 किमी के इस मार्ग पर 15 से ज्यादा स्पीड ब्रेकर हैं। टू लेन मार्ग बना हुआ है। वाहनों का भार ज्यादा है। इसे पैदल क्रॉस करने के लिए काफी देर इंतजार करना पड़ता है।
सड़क सुरक्षा अभियान के तहत पीडब्ल्यूडी को यह लक्ष्य मिला कि मार्गों को दुर्घटना रहित कैसे किया जाए। इसी को देखते हुए इस मार्ग का चयन किया गया है। इस मार्ग की डीपीआर पीडब्ल्यूडी तैयार करेगा। विभागीय मंजूरी के बाद फोरलेन बनेगा। जमीन अधिग्रहण की भी ज्यादा आवश्यकता नहीं होगी। सड़क के दोनों ओर खाली जगह है।
अलवर-राजगढ़ मार्ग को फोरलेन बनाने के लिए विचार किया जा रहा है। वाहनों का भार ज्यादा है और दुर्घटनाएं भी होती हैं। उच्चाधिकारियों की मंजूरी के बाद इसे आगे बढ़ाया जाएगा। - माही लाल, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी
यह भी पढ़ें:
VIDEO: अनिल वशिष्ठ अध्यक्ष, विक्रम उपाध्यक्ष व पंकज सचिव चुने गए
Published on:
14 Dec 2024 12:21 pm
बड़ी खबरें
View Allअलवर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
