5 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जिले के सबसे बडे़ सरकारी पुस्तकालय में अव्यवस्थाओं का आलम, पढे़ यह खबर

जिले के सबसे बडे पुस्तकालय में फर्नीचर का भी है अभावअलवर. पुस्तकें मनुष्य की सबसे बड़ी मित्र होती हैं। इन्हें पढ़ने के बाद मनुष्य को सही राह तो मिलती ही है। साथ ही मानसिक तनाव भी दूर होता है। यही वजह है कि एसएमडी चौराहा पर बने अलवर जिले के सबसे बड़े आधुनिक पुस्तकालय में जिलेभर से युवा पुस्तकें पढ़ने के लिए आते हैं, लेकिन यहां सुविधाओं की कमी उन्हें बहुत अखरती है। यहां कर्मचारियों की कमी के चलते न तो पुस्तकों की सही रखरखाव हो रहा है और न ही उनकी उपयोगिता साबित हो पा रही है।

less than 1 minute read
Google source verification

अलवर

image

Jyoti Sharma

Apr 05, 2024

जिले के सबसे बडे़ सरकारी पुस्तकालय में अव्यवस्थाओं का आलम, पढे़ यह खबर

जिले के सबसे बडे़ सरकारी पुस्तकालय में अव्यवस्थाओं का आलम, पढे़ यह खबर


पुस्तकालयाध्यक्ष सहित अन्य पद हैं खाली
सार्वजनिक जिला पुस्तकालय का संचालन भाषा एवं पुस्तकालय विभाग की ओर से किया जा रहा है। यहां पर हजारों की संख्या में पुस्तकें रखी हुई हैं। प्रतिदिन ढाई सौ से ज्यादा युवा यहां पढ़ने के लिए आते हैं, लेकिन यहां न युवाओं के बैठने के लिए पर्याप्त फर्नीचर है और न ही पुस्तकें रखने के लिए। इतना ही नहीं इनकी देखभाल के लिए यहां मात्र एक कर्मचारी है। पुस्तकालय अध्यक्ष का पद पिछले एक साल से रिक्त है। सीसीटीवी कैमरे आज तक नहीं लग पाए हैं। ऐसे में यहां रखी पुस्तकों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं पर नजर रखना कर्मचारी के लिए मुश्किल होता है। पुस्तकें चोरी होने का डर हर समयB बना रहता है। यहां पर लगाए गए सुरक्षा गार्ड को भी वित्तीय वर्ष खत्म होने पर हटा दिया गया है।
गर्मी में भी नहीं बदला समय
गर्मी में स्कूल, अस्पताल, कोर्ट, आंगनबाड़ी आदि का समयB बदल दिया जाता है लेकिन पुस्तकालय का समयB सालभर एक जैसा ही रहता हैं। पुस्तकालय प्रतिदिन सुबह 11 बजे से शाम 6 बजे तक खुलता है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवा महेंद्र, रमन व संतोष ने बताया कि गर्मियों में पुस्तकालय का समयB सुबह 10 बजे से करने की मांग की है। 11 बजे तक तेज धूप रहती है।