
डिलीवरी बॉय को शोषण से बचाने के लिए सरकार बनाएगी कानून
सुनील सिंह सिसोदिया
अलवर. राज्य सरकार आगामी बजट में डिलीवरी बॉय और शहरों में वाहन सुविधा मुहैया करा रही ओला-उबर जैसी बड़ी कंपनियों में काम करने वाले युवाओं के लिए बड़ी सौगात दे सकती है। इसके संकेत मंगलवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने दिए। राहुल गांधी की ओर से मुख्यमंत्री को दिए सुझाव के बाद सरकार इसकी तैयारी में जुट गई है। कांग्रेस नेताओं का मानना है कि ऑनलाइन डिलीवरी कारोबार में सेवाएं ज्यादातर ग्रामीण अंचल, गरीब, दलित व आदिवासी वर्ग के लोग दे रहे हैं, जिन्हें सौगात देकर पार्टी से जोड़ा जा सकता है।
राहुल की भारत जोड़ो यात्रा के अंतिम दिन मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि ऑनलाइन डिलीवरी का जो नया सेक्टर विकसित हुआ है। वहां लोगों को अचानक निकाल दिया जाता है। युवा शोषण का शिकार हो रहे है। कई लोगों ने स्वयं की टैक्सी खरीदकर लगाई और वे कर्जदार हो गए। गहलोत ने कहा कि फिलिप कार्ट, ओला, उबर, जमेटो सहित अन्य कई कंपनियां सेवाएं दे रही हैं, जिनमें से कुछ में लोग टैक्सी खरीदकर लगाते हैं और बाद में बर्बाद हो रहे हैं। ऐसे ही एक सरदारजी ने राहुल गांधी से मुलाकात की और बताया कि उन्होंने तीन टैक्सी खरीदकर लगाई और वे बर्बाद हो गए। इसलिए इस काम में लगा हूं कि और कोई उनकी तरह बर्बाद न हो। जो पीड़ा उन्होंने सही वो और कोई नहीं भुगते। सरकार की मंशा है कि बजट में प्रावधान कर ऐसे लोगों को राहत दी जाए।
कांग्रेस महासचिव रमेश ने कहा कि जो एप के आधार पर ट्रांसपोर्ट वर्कर होते हैं, नई इकॉनॉमी के प्रतीक हैं। इसमें 60 फीसदी से ज्यादा युवा दलित, आदिवासी गरीब वर्ग से आते हैं। इसको लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और राहुल गांधी के बीच बात हुई है। कई नागरिक संस्थाओं से भी बातचीत हुई है। इस पर काम होगा। राजस्थान पहला राज्य होगा जो सोशल सिक्यूरिटी की योजना बनाएगा। इसकी घोषणा मुख्यमंत्री करेंगे। नए प्रावधान खास तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को लिए फायदेमंद होंगे।
Published on:
21 Dec 2022 06:02 pm
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