
अलवर के नजदीक आएगा हिमाचल, पंजाब, उत्तराखंड
अलवर. अलवरवासियों के लिए खुशखबर, अब शिमला, मनाली, धर्मशाला, हरिद्वार, देहरादून, अमृतसर की अलवर से दूरी कम हो जाएगी। पनियाला- बडौदामेव नेशनल हाइवे निर्माण की राह भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण एनएचएआई ने मुआवजा राशि जारी कर आसान कर दी है। अब किसानों को दो चरणों में करीब 468 करोड़ से ज्यादा राशि का सीधे बैंक खातों में भुगतान किया जाएगा।
अलवर जिले में भारतमाला परियोजना के तहत पनियाला- बडौदामेव एक्सप्रेस वे का निर्माण होने जा रहा है। इसके लिए जमीन का अवार्ड जारी हो चुका है। नेशनल हाइवे की लंबाई 86.513 किलोमीटर होगी, जिसके लिए किसानों को 468 करोड़ से ज्यादा राशि का मुआवजा दिया जाएगा। जल्द यह राशि उनके खातों में भेज दी जाएगी। एनएचएआई की ओर से मुआवजा राशि जारी की गई है। अब यह तहसीलों से किसानों के बैंक खाता नम्बर मंगवाकर उनका सत्यापन किया जाएगा। बाद किसानों के बैंक खातों में सीधे मुआवजा राशि का भुगतान कर दिया जाएगा। प्रथम चरण में किसानों को जमीन का मुआवजा दिया जाएगा। द्वितीय चरण में सम्पत्ति मकान, पेड़ अन्य सम्पतियों के मुआवजे का भुगतान किया जाएगा।
छह तहसील क्षेत्रों के 55 गांवों के किसान होंगे निहाल
86.513 किमी लंबे इस नेशनल हाइवे में बानसूर विधानसभा क्षेत्र के 15, गांव मुंडावर के 9, अलवर के 18, किशनगढ़बास के 2, अलवर के 18, रामगढ़ के 9 और लक्ष्मणगढ़ के 2 गांवों की जमीन शामिल होगी। इन 55 गांवों की 551.6764 हेक्टेयर भूमि का अवार्ड जारी किया जा चुका है। इन गांवों के कई हजार किसानों को मुआवजा राशि का भुगतान किया जाएगा। मुआवजा वितरण की प्रक्रिया संभवत: जून महीने के प्रथम सप्ताह में शुरू होगी। दो महीनों में यह प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है। मुआवजा वितरण के बाद नेशनल हाइवे का निर्माण कार्य शुरू किया जा सकेगा।
प्रधानमंत्री कर चुके शिलान्यास, निर्माण शुरू होना शेष
पनियाला- बडौदामेव नेशनल हाइवे का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पिछले महीनों दिल्ली- मुम्बई एक्सप्रेस वे के उद्घाटन के समय ही कर चुके हैं। अब केवल इस नेशनल हाइवे का निर्माण कार्य शुरू होना है। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
अलवर से घटेगी हिमाचल, पंजाब की दूरी
पनियाला- बडौदामेव नेशनल हाइवे का निर्माण पूरा होने पर हिमाचल, पंजाब, उत्तराखंड और हरियाणा की दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस-वे से सीधी कनेक्टिविटी हो सकेगी। साथ ही अलवर की एक्सप्रेस वे से सीधी कनेक्टिविटी हो सकेगी। यही कारण है कि इस एक्सप्रेस-वे का नाम इंटर कॉरिडोर रखा गया है।
लोगों को मिलेगी सुविधा
इस एक्सप्रेस वे के बनने से अलवर जिले की छह तहसील क्षेत्रों के 55 गांवों को सीधे और आसपास के क्षेत्रों को अप्रत्यक्ष रूप से लाभ होगा। इससे यहां रहने वाले लोगों को रोजगार मिलेगा। इसके शुरू होते ही टाउनशिप औद्योगिक इकाइयां, होटल आदि की सुविधाएं भी शुरू होंगी।
Published on:
24 May 2023 11:59 pm
बड़ी खबरें
View Allअलवर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
