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कोर्ट ने एक नहीं सुनी, कहा- अब यहां पतंग उड़ाएं… नटनी हैरिटेज को 7 दिन का समय, फिर चलेगा बुलडोजर?

यूआईटी की ओर से खारिज की गई भू-रूपांतरण की फाइल भी पेश की गई। इस पर कोर्ट ने होटल संचालक के वकील से कहा कि अब कुछ नहीं हो सकता। यहां अब पतंग उड़ाएं।

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सिलीसेढ़ में निर्माणाधीन होटल नटनी हेरिटेज मामले में एडीजे प्रथम धीरज शर्मा की कोर्ट में मौका कमिश्नर गिर्राज प्रसाद गुप्ता की रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। रिपोर्ट के मुताबिक होटल सरकारी जमीन व नाले के कुछ हिस्से पर बना हुआ है। इसी दौरान यूआईटी की ओर से खारिज की गई भू-रूपांतरण की फाइल भी पेश की गई।

7 अक्टूबर तक का समय दिया

इस पर कोर्ट ने होटल संचालक के वकील से कहा कि अब कुछ नहीं हो सकता। यहां अब पतंग उड़ाएं। कोर्ट की गंभीर टिप्पणी के बाद होटल मालिक के वकील ने कहा कि भू-रूपांतरण खारिज करने के मामले को चुनौती संभागीय आयुक्त कार्यालय में दी गई है। कोर्ट ने यह दलील खारिज कर दी। कोर्ट ने केस वापसी के लिए कहा। इस पर वकील ने कहा कि वह अपने क्लाइंट से बात करेंगे। इसके लिए समय दिया जाए। कोर्ट ने इस कार्य के लिए 7 अक्टूबर तक का समय दिया है।

ये है मौका कमिश्नर की रिपोर्ट

मौका कमिश्नर एवं वरिष्ठ अधिवक्ता गिर्राज प्रसाद गुप्ता की ओर से मौका रिपोर्ट पेश की गई। उन्होंने रिपोर्ट को ए, बी से लेकर ई श्रेणी में विभाजित किया है। इन्हीं बिंदुओं के आधार पर इसका अर्थ निकाला गया है। आसान शब्दों में नटनी हैरिटेज ने सरकारी जमीन पर 47 फीट तक कब्जा किया हुआ है। होटल के बीच के हिस्से का निर्माण करीब 4 फीट तक नाले की जमीन पर किया गया है।

पानी की वीडियोग्राफी कोर्ट में पेश की

तीसरे कोने में भी 3 फीट नाले की जमीन पर कब्जा मिला है। मौका कमिश्नर गुप्ता का कहना है कि उन्होंने कोर्ट में रिपोर्ट पेश की है। इसके बारे में जानकारी वहीं से मिल पाएगी। मालूम हो कि संबंधित होटल के मामले में पिछली सुनवाई में प्रशासन ने सिलीसेढ़ झील के बहाव एरिया में आए पानी की वीडियोग्राफी कोर्ट में पेश की थी, जिसमें नटनी हैरिटेज तक सिलीसेढ़ झील का पानी आता दिख रहा है।

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यूआईटी ने खारिज की भू-रूपांतरण की फाइल

अगस्त में नटनी हैरिटेज के भू रूपांतरण की फाइल यूआईटी में पेश की गई। यूआईटी ने इस मामले में आपत्ति मांगी। इस पर जल संसाधन विभाग व अलवर तहसील की ओर से आपत्ति दायर की गई। झील का बहाव एरिया होने के अलावा नाले की जमीन पर होटल के बने होने की बात कही गई। यूआईटी ने आपत्तियों के अभिलेख देखने के बाद भू रूपांतरण की फाइल खारिज कर दी।

हमारे पास अभिलेख पर्याप्त हैं। कोर्ट में अगली सुनवाई 7 अक्टूबर को होगी। हम अपना पक्ष मजबूती से रखेंगे- अमित खंडेलवाल, मैनेजर, नटनी हैरिटेज

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