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कैसे लाएं मैडल, पहलवानों के लिए नहीं मेट

अलवर जिले के खिलाड़ी देश-विदेश में अपनी जीत का डंका बजा रहे हैं, लेकिन इंदिरा गांधी स्टेडियम में कुश्ती की तैयारी करने वाले पहलवानों को अब तक भी मेट नहीं लग पाया है। ऐसी स्थिति में खिलाड़ियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जबकि जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाली सभी वर्गों की कुश्ती प्रतियोगिताएं मेट या गद्दे वाले अखाडे़ पर होती है। मिट़्टी के अखाडा और मेट के अखाडे़ में अंतर होने के कारण खिलाड़ी अपना अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते हैं क्योंकि उनकी तैयारी मिट़टी की अखाडे़ में हु
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अलवर

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jitendra kumar

Feb 25, 2024

कैसे लाएं मैडल, पहलवानों के लिए नहीं मेट

कैसे लाएं मैडल, पहलवानों के लिए नहीं मेट

अलवर जिले के खिलाड़ी देश-विदेश में अपनी जीत का डंका बजा रहे हैं, लेकिन इंदिरा गांधी स्टेडियम में कुश्ती की तैयारी करने वाले पहलवानों को अब तक भी मेट नहीं लग पाया है। ऐसी स्थिति में खिलाड़ियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जबकि जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाली सभी वर्गों की कुश्ती प्रतियोगिताएं मेट या गद्दे वाले अखाडे़ पर होती है। मिट़्टी के अखाडा और मेट के अखाडे़ में अंतर होने के कारण खिलाड़ी अपना अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते हैं क्योंकि उनकी तैयारी मिट़टी की अखाडे़ में हुई है। स्टेडियम में कुश्ती की तैयारी करने के लिए 25 से 30 खिलाड़ी आते हैं।

बदला कुश्ती का पैटर्न, मेट लगे तो मिले राहत : आधुनिक युग के बदलने के साथ ही अब धीरे-धीरे खेलों का पैटर्न और खेल सामग्री में भी बदला होने लगा है। अब राष्ट्रीय और अतंरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाली कुश्ती भी मेट पर शुरू हो गई हैं। अब मिट़टी से जुड़ी कुश्ती के अखाडे़ गांव-ढाणियों में ही शेष रहे हैं और बड़े-बड़े शहरों में कुश्ती की तैयारी करने के लिए खिलाडियों को मेट पर कुश्ती के गुर सिखाए जाते हैं। गत दिनों में जिला कलक्टर आशीष गुप्ता ने इंदिरा गांधी स्टेडियम का दौरा किया और कुश्ती के लिए नया हॉल तैयार करने के लिए कहा था। स्टेडियम में मेट और मिट्टी के अखाडे़ का निर्माण हो जाए तो तैयारी के लिए आने वाले खिलाड़ी मेट पर अभ्यास कर सकें।

इंदिरा गांधी स्टेडियम में कुश्ती की तैयारी करने के लिए आने वाले खिलाड़ियों को अलग से हॉल तैयार करने की प्रक्रिया जारी है। वर्तमान में चल रहा कुश्ती अखाडे़ के पास ही इसका निर्माण होगा। इसमें मेट भी लग सकता है।

-अंजना शर्मा, जिला खेल अधिकारी, अलवर।