26 अप्रैल 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ईआरसीपी से पहले अलवर की प्यास बुझाएगी चंबल-भरतपुर-अलवर परियोजना, मिलेगा 10 एमएलडी पानी

शहर के लोगों को पेयजल संकट से जल्द राहत दिलाने के लिए बहुप्रतीक्षित ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट (ईआरसीपी) का ढिंढोरा पीटा जा रहा हो, लेकिन हकीकत ये है कि इस परियोजना से अलवर को पानी मिलने में अभी लंबा वक्त लगेगा।

2 min read
Google source verification

अलवर

image

Umesh Sharma

Apr 26, 2026

शहर के लोगों को पेयजल संकट से जल्द राहत दिलाने के लिए बहुप्रतीक्षित ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट (ईआरसीपी) का ढिंढोरा पीटा जा रहा हो, लेकिन हकीकत ये है कि इस परियोजना से अलवर को पानी मिलने में अभी लंबा वक्त लगेगा। लेकिन इससे पहले शहर व आसपास के इलाकों को चंबल-भरतपुर-अलवर परियोजना से पानी मिलने लगेगा।
इस परियोजना के तहत रामगढ़ क्षेत्र के जुगरावर गांव के पास दो प्रमुख सप्लाई प्वाइंट बनाए जाएंगे, जहां से शहर और आसपास के क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि इस योजना से प्रतिदिन करीब 10 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) पानी मिलेगा। धौलपुर, भरतपुर और डीग जिलों में पहले ही चंबल का पानी पहुंच चुका है, जिससे अलवर के लिए भी रास्ता साफ हो गया है।
ऐसे पहुंचेगा अलवर तक पानी
चंबल-भरतपुर-अलवर परियोजना के तहत खैरथल-तिजारा और कोटपूतली-बहरोड़ क्षेत्रों को भी जलापूर्ति का प्रावधान है। जुगरावर तक पानी पहुंचने के बाद भिवाड़ी-नीमराणा क्षेत्र में पाइपलाइन कार्य के दौरान ही अलवर शहर को अस्थायी रूप से सप्लाई दी जाएगी। परियोजना के टेंडर दिसंबर, 2024 में किए गए थे, लेकिन तकनीकी कारणों से प्रक्रिया को दोबारा शुरू करना पड़ा। अब प्री-क्वालिफिकेशन (पीक्यू) क्राइटेरिया तय कर संशोधित टेंडर जारी किए जाएंगे। संभावना है कि 28-29 जून को टेंडर खोले जा सकते हैं।
अभी जमीन अवाप्ति का काम बाकी
धौलपुर, भरतपुर, डीग में परियोजना के लिए जमीन अलॉट हो चुकी है, लेकिन अलवर और कोटपूतली-बहरोड़ में जमीन अलॉट का काम धीमा चल रहा है। नीमराणा और भिवाड़ी में जमीन अलॉट की फाइल चल रही हैं। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद चंबल-भरतपुर-अलवर परियोजना को तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि ठेकेदार को शुरुआती छह महीने प्रोजेक्ट अध्ययन के लिए दिए जाएंगे।
ईआरसीपी का केवल अलाइनमेंट फाइनल नहीं
ईआरसीपी का अलाइनमेंट अभी फाइनल नहीं हो पाया है। अधिकारियों के अनुसार यह एक बड़ा प्रोजेक्ट है, जिसमें जमीन अधिग्रहण, भौगोलिक बाधाएं, पहाड़ी क्षेत्र और आबादी वाले इलाकों को ध्यान में रखते हुए कई बार बदलाव किए गए हैं। यही वजह है कि अंतिम रूट तय होने में समय लग रहा है।