
जंगल, जीव और गांवों का सदियों पुराना नाता है, लेकिन सरिस्का बाघ परियोजना को यह नाता नहीं सुहा रहा। यही कारण है कि परियोजना क्षेत्र में सदियों पूर्व बसे ग्रामीणों को सरिस्का से बाहर बसाने पर जोर दे रही है, वहीं रसूखदारों को कोर एरिया में आलीशान होटल खड़ा करने पर टोकाटोकी तक नहीं हो रही। यही कारण है कि इन दिनों सरिस्का के आसपास कोर एवं बफर एरिया में दर्जनों की संख्या में आलीशान होटल सरकारी पहुंच को लेकर चिढ़ाते नजर आते हैं।
सरिस्का बाघ परियोजना में प्रवेश से लेकर जंगल भ्रमण तक ढेरों नियम हैं, लेकिन रसूखदारों के आगे नियम भी नतमस्तक दिखते हैं। तभी तो परियोजना क्षेत्र स्थित कोर एरिया में सरिस्का गेट से भर्तृहरि की ओर महज एक किलोमीटर की दूरी पर आलीशान होटल सरिस्का ढाणी खड़ा हो गया। खास बात यह है कि कोर एरिया में होटल का निर्माण होता रहा और सरिस्का प्रशासन का इस ओर ध्यान तक नहीं गया। कोर एरिया में व्यावसायिक गतिविधियों के संचालन का यह अकेला मामला नहीं है, बल्कि भर्तृहरि तिराहे से सरिस्का गेट, तालवृक्ष, टहला गेट के आसपास सहित सरिस्का बाघ परियोजना क्षेत्र कुछ इसी तरह के हालात हैं।
कोर एरिया में निर्माण की अनुमति नहीं
सरिस्का बाघ परियोजना के कोर एरिया में किसी भी प्रकार के निर्माण और जमीन के बेचान व खरीद की अनुमति नहीं है। इतना ही नहीं कोर एरिया में ग्रामीणों के लिए बिजली कनेक्शन पर भी पाबंदी है। इतनी सख्त नियमों के बाद भी कोर एरिया में सरिस्का कार्यालय से महज एक किलोमीटर की दूरी पर आलीशान होटल का निर्माण हो गया। यह भी नहीं कि होटल का निर्माण एक-दो रात को हुआ हो, बल्कि आलीशन होटल को तैयार होने में कई महीनों लगे, लेकिन सरिस्का प्रशासन इस अवैध गतिविधि के प्रति आंखे मूंदे रहा।
इसलिए मिलीभगत की आती है बू
कोर एरिया में बना सरिस्का ढाणी होटल यूं तो किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर है, लेकिन इसके संचालन का जिम्मा सरिस्का प्रशासन से सेवानिवृत कर्मचारी ही संभाल रहे हैं। खास बात यह है कि सरिस्का की सेवा में रहते इन्हीं कर्मचारियों ने सरिस्का प्रशासन से रसूख निभा आलीशान होटल का निर्माण करा दिया। इतना ही नहीं सरिस्का सेवा से सेवानिवृति के बाद अब होटल संचालन का जिम्मा संभाल रहे हैं।
शिकायत मिली है, जांच के आदेश दिए हैं
कोर एरिया में होटल बनने की शिकायत मिली थी। इसकी जांच डीएफओ को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट में दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कोर एरिया में अन्य स्थानों पर अवैध तरीके से चल रही गतिविधियों की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. गोविंद सागर भारद्वाज
सीसीएफ, सरिस्का बाघ परियोजना
Published on:
18 Jan 2018 06:00 am
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