
आबकारी विभाग ही बिकवा रहा अवैध शराब, मिलीभगत से शराब ठेकेदारों ने जगह-जगह खोली अवैध ब्रांच
अलवर. जिले में आबकारी विभाग ही अवैध शराब बिकवा रहा है। विभागीय अधिकारियों की शह और मिलीभगत से शराब ठेकेदारों ने जगह-जगह शराब की अवैध ब्रांचें खोली हुई हैं। जहां से 24 घंटे शराब बेची जा रही है। वहीं, ठेकेदार गोदामों से भी शराब की अवैध बिक्री कर रहे हैं।
आबकारी विभाग की ओर से अलवर जिले में अंग्रेजी व देशी शराब की 293 दुकानें आवंटित की हुई हैं। देसी तथा देसी/अंग्रेजी शराब की कम्पोजिट दुकानों के ठेकेदारों ने आबकारी विभाग के अधिकारियों से मिलीभगत कर अपने ठेका क्षेत्र की परिधि में जगह-जगह अवैध ब्रांचें खोली हुई हैं। इन ब्रांचों पर सुबह 10 बजे से पहले और रात 8 बजे बाद भी धड़ल्ले से अवैध शराब की बिक्री हो रही है। वहीं, कम्पोजिट दुकानों के ठेकेदारों ने विभाग से माल रखने के लिए गोदाम पास कराए हुए हैं। ये ज्यादातर ठेकेदार इन गोदामों को दुकान की तरह से चला रहे हैं, जबकि नियमानुसार गोदाम से शराब की बिक्री करना वर्जित है। वैध की आड़ में अवैध काम कर रहे इन ठेकेदारों पर न तो आबकारी विभाग ही शिकंजा कस रहा है और न ही पुलिस।
शहर से लेकर गांव-ढाणियों तक बिक रही अवैध शराब
शराब ठेकेदारों ने अलवर शहर से लेकर जिले के खैरथल, किशनगढ़बास, तिजारा, टपूकड़ा, भिवाड़ी, बहरोड़, नीमराणा, बानसूर, मुण्डावर, रामगढ़, नौगांवा, बड़ौदामेव, गोविंदगढ़, मालाखेड़ा, राजगढ़, लक्ष्मणगढ़, खेरली, कठूमर, थानागाजी व प्रतापगढ़ सहित हर कस्बे में गांव-ढाणियों तक अवैध ब्रांचें खोली हुई हैं। इन ब्रांचों के बारे में आबकारी विभाग और पुलिस को बखूबी जानकारी है, लेकिन मंथली के खेल के चक्कर में इन्हें बंद नहीं कराया जा रहा है और न ही ठेकेदार के खिलाफ कोई कार्रवाई की जा रही है।
ठेकों से भी रात 8 बजे बाद अवैध बिक्री
जिले में कई वैध शराब ठेकों से भी शराब की अवैध बिक्री हो रही है। दुकानों के अंदर रात में ठेकेदार के सेल्समैन रहते हैं, जो कि रात आठ बजे बाद शटर की नीचे या फिर बगल की दुकान से शराब बेचते हैं। इसके लिए सुराप्रेमियों से अतिरिक्त शुल्क भी लेते हैं। टेल्को चौराहा, मण्डी मोड़, शिवाजी पार्क, हनुमान चौराहा व नयाबास चौराहा, केसरपुर व अबकरपुर सहित काफी ठेकों से रात आठ बजे बाद भी शराब बेची जा रही है।
दबाव आने पर छुटपुट कार्रवाई से इतिश्री
आबकारी विभाग के अधिकारी और कर्मचारी ठेकेदारों से मिलीभगत कर अवैध ब्रांचें चला रहे हैं। जब कार्रवाई का दबाव आता है तो ठेकेदारों से ही केस मांगते हैं। यानि कि ब्रांच चलाने वाले उनके एक सेल्समैन को गिरफ्तार कर थोड़ी बहुत शराब बरामद दिखा केस बना देते हैं। शराब की कम बरामदगी होने के कारण सेल्समैन की जमानत भी जल्दी हो जाती है।
जिम्मेदारों ने नहीं उठाया फोन
जिले में अवैध रूप से शराब बिकने के लिए जिला आबकारी अधिकारी बनवारीलाल सिनसिनवार और सहायक आबकारी अधिकारी ज्ञानप्रकाश मीणा जिम्मेदार अधिकारी हैं। रविवार को इस सम्बन्ध में बातचीत के लिए दोनों ही अधिकारियों को उनके मोबाइल पर फोन किए गए, लेकिन दोनों ने ही कॉल रिसीव नहीं की।
Published on:
22 Feb 2021 10:35 am
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