scriptImprovement in the rank of school education, Alwar got 25th position, | स्कूली शिक्षा की रैंक में सुधार, अलवर को मिला 25वां स्थान, चूरू ने फिर मारी बाजी | Patrika News

स्कूली शिक्षा की रैंक में सुधार, अलवर को मिला 25वां स्थान, चूरू ने फिर मारी बाजी

locationअलवरPublished: Feb 05, 2024 08:09:29 pm

Submitted by:

jitendra kumar

 

 

राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद की ओर से जनवरी माह की रैंकिंग जारी हुई। इसमें अलवर ने अपना शिक्षा का स्तर सुधारते हुए 25 वां स्थान प्राप्त किया है, लेकिन अलवर पिछले कई माह से टॉप 20 में शामिल नहीं हो सका है। इससे जिले की शैक्षिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो सकते हैं। वहीं, अलवर जिले की दिसम्बर माह में 28वीं रैंक थी। इसमें सुधार करते हुए 30.46 स्कोर प्राप्त किए हैं।

स्कूली शिक्षा की रैंक में सुधार, अलवर को मिला 25वां स्थान, चूरू ने फिर मारी बाजी
स्कूली शिक्षा की रैंक में सुधार, अलवर को मिला 25वां स्थान, चूरू ने फिर मारी बाजी
राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद ने जनवरी माह की जारी की, कई माह से टॉप 20 में शामिल नहीं हो सका जिला

स्कूली शिक्षा की रैंक में सुधार, अलवर को मिला 25वां स्थान, चूरू ने फिर मारी बाजी
राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद की ओर से जनवरी माह की रैंकिंग जारी हुई। इसमें अलवर ने अपना शिक्षा का स्तर सुधारते हुए 25 वां स्थान प्राप्त किया है, लेकिन अलवर पिछले कई माह से टॉप 20 में शामिल नहीं हो सका है। इससे जिले की शैक्षिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो सकते हैं। वहीं, अलवर जिले की दिसम्बर माह में 28वीं रैंक थी। इसमें सुधार करते हुए 30.46 स्कोर प्राप्त किए हैं। अब जिला शिक्षा विभाग कमियों को दूर करने में जुटे हैं ताकि अलवर टॉप 10 में शामिल हो सके। बताया जाता है कि जिले में संचालित स्कूलों में पढ़ाई अच्छी हो रही है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित स्कूलों में पढ़ाई का स्तर गिरता जा रहा है। गत माह की रैंकिंग में अलवर जिले में मालाखेड़ा ब्लॉक 28.62 स्कोर के साथ सबसे फिसड्डी था।
यह जिले रहे टॉपर :रैंकिंग में चूरू के बाद भरतपुर, कोटा, राजसमंद व डूंगरपुर टॉप पांच स्थानों पर रहे, जबकि बारां, जयपुर, बाड़मेर, प्रतापगढ़ व धौलपुर सबसे फिसड्डी साबित हुए हैं। सबसे कम 23.60 स्कोर के साथ बारां जिला सबसे अंतिम स्थान पर रहा।
इस प्रकार से होता है मूल्यांकन : स्कूल शिक्षा परिषद जिलों की रैंकिंग चार मानकों पर तय करती है। ये आधार शैक्षिक, नामांकन, सामुदायिक सहभागिता व आधारभूत सुविधाएं हैं। इसमें शैक्षणिक श्रेणी के 100, नामांकन व सामुदायिक सहभागिता के 20-20 तथा आधारभूत सुविधाओं के 10 अंक तय हैं। शैक्षणिक श्रेणी के अंकों को 7, नामांकन व सामुदायिक सहभागिता के अंकों को 3-3 तथा आधारभूत सुविधाओं के अंकों को 2 बिंदुओं में बांटा गया है। इस तरह कुल 150 अंकों में से जिलों को उनके कार्यों के हिसाब से अंक दिए जाते हैं।
जिले में शिक्षा का स्तर बेहतर करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। स्कूलों में काफी हद तक सुधार होने लगा है। आगे और सुधार करेंगे।

रामेश्वर दयाल मीणा, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी।
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ऐसे रही जिलों की रैंकिंगरैंक जिला स्कोर
1 चूरू 49.70

2 भरतपुर 49.04

3 कोटा 49.01

4 राजसमंद 46.14

5 डूंगरपुर 45.32

रैंक जिला स्कोर

25 अलवर 30.46

26 जोधपुर 30.24

27 जैसलमेर 30.22
28 बांसवाड़ा 29.67

29 धौलपुर 28.97

30 प्रतापगढ़ 28.04

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