
राजस्थान के इस क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहा है प्रदूषण, दिवाली के बाद और खराब होंगे हालात, लोगों की धडक़ने तेज
इन दिनों एनसीआर में प्रदूषण की मात्रा में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। उद्योग नगरी भिवाड़ी भी इससे अछूती नहीं है। औद्योगिक नगरी में पिछले दिनों बढ़े प्रदूषण को लेकर सभी की धडकऩें तेज होने लगी हैं और इस पर चहुंओर चिंता जताई जाने लगी है। साथ ही प्रदूषण रोकने की दिशा में प्रयास भी शुरू कर दिए हैं। इस दिशा में भिवाड़ी नगर परिषद ने मंगलवार को शहर में कई जगह दो टैंकरों से पानी का छिडक़ाव कराया ताकि उठने वाले धूल के गुबारों पर नियंत्रण पाया जा सके और धूल के कणों के कारण बढऩे वाले प्रदूषण को रोका जा सके। वहीं बीएमए में मंगलवार को स्टील उद्योगों से जुड़े उद्योगपतियों ने बैठक की। उधर, प्रदूषण नियंत्रण मण्डल के क्षेत्रीय अधिकारी ने बीड़ा, रीको, नगर परिषद तथा उद्योगपतियों से जुड़े संगठनों को पत्र भेजकर प्रदूषण रोकने के लिए जरूरी उपाय करने को कहा है। प्रदूषण को लेकर बुधवार को जयपुर में बैठक होगी।
शहर में पानी का छिडक़ाव
नगर परिषद के सहायक अभियंता अंकित श्रीवास्तव ने बताया कि दो टैंकर लगाकर मंगलवार को शहर में पानी का छिडक़ाव कराया गया।
दिवाली के बाद और भी खराब होंगे हालात
भिवाड़ी में तेजी से प्रदूषण बढ़ रहा है। दिल्ली के समीप होने के कारण यहां प्रदूष की मात्रा में इजाफा हुआ है। दिवाली के बाद भिवाड़ी में सांस लेना भी मुश्किल हो जाता है। वहीं हरियाणा मे पराली जलाने का भी असर भिवाड़ी पर पड़ रहा है। ऐसे में स्थानीय लोगों को स्वास्थ्य की चिंता सता रही है।
उद्योगपतियों का दावा, स्टील उद्योगों से नहीं, अन्य कारणों से बढ़ा प्रदूषण
बीएमए में स्टील उद्योगों से जुड़े उद्योगपतियों की बैठक में बताया गया कि 20 अक्टूबर को स्वत: ही तीन दिन के लिए फैक्ट्रियों को बंद करने का निर्णय किया गया था और 21 अक्टूबर को सुबह आठ बजे से स्वत: ही फैक्ट्रियां बंद भी कर दी थी। उद्योगपतियों का दावा है कि करीब दो दर्जन स्टील उद्योगों के बंद होने के बाद भी सोमवार शाम को वायु प्रदूषण का स्तर 448 रहा। उन्होंने कहा कि इससे लगता है कि वायु प्रदूषण स्टील उद्योगों के कारण नहीं होकर अन्य कारणों से बढ़ रहा है। बैठक में बीएमए के अध्यक्ष सुरेन्द्र चौहान, सचिव डीवीएस राघव के अलावा स्टील उद्योगों से जुड़े उद्योगपति मौजूद थे।
प्रदूषण की रोकथाम के लिए रीको, बीडा, नगर परिषद के साथ ही उद्योगपति से जुड़े संगठनों को पत्र लिखा है। पत्र में खुले में मलबा नहीं डालने और यदि डालना भी पड़े तो उसे ढककर रखने को कहा है। यदि निर्माण कार्य जरूरी हो तो वहां हरा पर्दा लगाकर रखा जाए ताकि प्रदूषण नहीं बढ़े। प्रदूषण को लेकर बुधवार को जयपुर में बैठक होगी। दिल्ली में विभिन्न क्षेत्रों में प्रदूषण का औसत निकाला जाता है, जबकि अलवर जिले में भिवाड़ी और अलवर का अलग-अलग दर्शाया जाता है, जबकि दिल्ली की ही भांति यहां भी प्रदूषण का औसत ही दर्शाया जाना चाहिए।
केसी गुप्ता, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण मण्डल, भिवाड़ी।
Published on:
24 Oct 2018 10:44 am
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