
वीर रणबांकुरों की धरती अलवर, मातृभूमि की रक्षा करते 183 से ज्यादा जवानों ने दी शहादत
अलवर. देश की सुरक्षा में अलवर जिले के 183 से ज्यादा जवानों ने प्राण न्यौछावर कर दिए। आजादी दिवस पर इन शहीदों और सभी सैनिकों के जज्बे को सभी सलाम कर रहे हैं। युद्ध में दुश्मन से लोहा लेते, देश की सीमाओं की रक्षा करते और विभिन्न ऑपरेशन में अलवर के जवान अग्रणी रहे और अपनी जान की बाजी लगा दी। प्रदेश में झुंझुनू के बाद सर्वाधिक अलवर जिले के जवान शहीद हुए हैं। जिले के बहरोड़, बानसूर, मुंडावर और नीमराणा क्षेत्र के 121 जवान शहादत दे चुके हैं। जबकि शेष जिले के 62 जवान मातृभूमि के लिए प्राण न्यौछावर कर चुके हैं।
साहस को सम्मान मिला
देश के लिए मर मिटने वाले जवानों को शहादत व साहस के लिए सम्मान भी मिला। विशेष साहस के लिए 39 सैनिक व अधिकारियों को शौर्य पदक मिले हैं। जिनमें से 26 को सेना मैडल मिला है, 5 को वीरचक्र, 6 को शौर्य पदक और 1 को कीर्ति चक्र मिल चुका है। पदक प्राप्त जांबाजों के परिवारों को सरकार से पैकेज भी मिले हैं।
इन्हें मिले वीरता के लिए पदक
वीर चक्र प्राप्त करने वालों में टीकरी लक्ष्मणगढ़ के मेजर रामस्वरूप, बहरोड़ निवासी सूबेदार प्रभाती सिंह, निभोर बहरोड़ निवासी हवलदार गिरधारी लाल, खरकड़ा बानसूर निवासी सिपाही प्रेम सिंह, कुतीना बहरोड़ निवासी हवलदार हजारी सिंह हैं। वहीं शौर्य चक्र प्राप्त करने वाले जाबांज नारेड़ाखुर्द बहरोड़ निवासी सूबेदार रामकुमार, कान्हावास माजरा निवासी पीटीआर सुबेसिंह, मौजपुर ततारपुर निवासी पीओ महिपाल यादव, साडोली रामगढ़ निवासी नायक इब्राहिम खान व डाबडबास बहरोड़ निवासी सूबेदार भागसिंह शामिल हैं। वहीं महेसरा तिजारा निवासी नायक महावीर सिंह को कीर्ति चक्र से सम्मानित किया जा चुका है।
कहां कितने शहीद हुए
नीमराणा- 45
बहरोड़- 37
बानसूर- 15
मुंडावर- 24
अलवर तहसील- 12
कोटकासिम- 11
तिजारा- 13
किशनगढ़बास- 5
कठूमर-4
लक्ष्मणगढ़-4
राजगढ़-2
रामगढ़- 2
थानागाजी-2
Published on:
15 Aug 2021 04:21 pm
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