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Indian Railways: वीआईपी ट्रेनों के चक्कर में अब लेट नहीं होंगी आम ट्रेनें, रेलवे बना रहा नया टाइम टेबल

भारतीय रेलवे से सफर करने वाले आम यात्रियों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। वंदे भारत और राजधानी जैसी वीआईपी ट्रेनों को रास्ता देने के चक्कर में अब आम एक्सप्रेस ट्रेनें लेट नहीं होंगी। रेलवे एक ऐसा नया टाइम टेबल बना रहा है जिससे दोनों तरह की ट्रेनें बिना लेट हुए दौड़ सकेंगी।
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अलवर

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Rajendra Banjara

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Updated: 26 May 2026, 12:30 PM IST

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Indian Railways News: भारतीय रेलवे वीआईपी ट्रेनों के संचालन के दौरान सामान्य मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों की देरी कम करने के लिए नया शेड्यूल तैयार कर रहा है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत वीआईपी ट्रेनों को पांच से दस मिनट के अंतराल में संचालित किया जाएगा, जिससे अन्य ट्रेनों के संचालन पर कम प्रभाव पड़ेगा। वर्तमान में हर तीसरी मेल और एक्सप्रेस ट्रेन औसतन 45 मिनट की देरी से चल रही है, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। रेलवे का मानना है कि नई समय-सारिणी लागू होने से ट्रेनों की समयपालन क्षमता में सुधार होगा और यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सकेगी।


इसके लिए रेलवे दोनों श्रेणियों की ट्रेनों का समय ऐसे व्यवस्थित करने जा रहा है कि वे एक-दूसरे के रास्ते में बाधा न बनें। अभी तक वीआइपी ट्रेनों को निकालने के लिए आम ट्रेनों को लूप लाइन पर रोक दिया जाता है। ऐसे में समय पर चल रही सामान्य ट्रेनें अपने गंतव्य तक पहुंचते-पहुंचते लेट हो जाती हैं। इसे लेकर लगातार रेलवे को शिकायतें मिल रही थी। जिस पर रेलवे सामान्य व वीआइपी ट्रेनों की समय सारिणी को इस तरह तैयार कर रहा है कि दोनों एक-दूसरे की राह में नहीं आएं।

यह चल रही है तैयारी

रेलवे तैयारी कर रहा है कि वंदेभारत, शताब्दी और राजधानी जैसी प्रीमियम ट्रेनों को समूह (कम्बाइंड स्लॉट) में चलाया जाए। इससे वीआइपी ट्रेनें बिना किसी रुकावट के चलेंगी। इससे सामान्य ट्रेनों के लेट होने का समय भी 2 से 3 घंटे की बजाय महज 10 मिनट ही रह जाएगा। इस व्यवस्था को लागू करने के लिए रेलवे नई समय सारिणी बना रहा है।

नई समय सारिणी में रेलवे तय कर रहा है कि 130 से 160 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चलने वाली ट्रेनों को पांच से दस मिनट के अंतराल में ही चलाया जाएगा। जबकि 110 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चलने वाली ट्रेनों को इनके बाद चलाया जाएगा। दोनों की गति में फर्क होने की वजह से ये ट्रेनें आगे और पीछे चलेंगी। इससे किसी अन्य ट्रेन को लूप में खड़ा करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। रेलवे ने ट्रेनों को समय पर पहुंचाने का लक्ष्य 95 प्रतिशत तय किया है। अभी यह प्रतिशत 82 के आसपास है। अगर सामान्य ट्रेनों को लूप पर रखकर लेट नहीं किया गया तो प्रतिशत बढ़ाने में ज्यादा दिक्कत नहीं आएगी।