
अलवर. जिला मुख्यालय पर स्थित जनाना अस्पताल में आने वाली गर्भवती व जननी माताएं कभी भी संक्रमण की शिकार हो सकती हैं। यहां रोक के बावजूद हर तरफ लोग धूम्रपान करते हुए नजर आते हैं। यहां किसी को कानून की परवाह नहीं है। खुले आम कानून को हवा में उड़ाया जा रहा है। यहां के हालात जानने के लिए जब पत्रिका रिपोर्टर यहां पहुंचे तो हर तरफ अव्यवस्थाएं नजर आई। अस्पताल के अंदर बने परिसर में पुरुष व महिलाएं खुले में धूम्रपान कर रहे थे। इन्हें कोई रोकने वाला नहीं था। जब इन्हें रोका जाता है तो वार्ड से बाहर आकर धूम्रपान करने लगते हैं। अस्पताल में धूम्रपान करने वालों पर 200 रुपए की पर्ची काटने का कोई असर यहां दिखाई नहीं दिया। नियमों की बात की जाए तो अस्पताल के अंदर व परिसर के आसपास में धूम्रपान करना पूरी तरह से पाबंद है।
वार्ड में रहती है गंदगी
कहने को यहां पर सफाई कर्मचारी कार्यरत हैं। इसके बावजूद प्रसूताओं के बैड के आसपास गंदगी फैली रहती है। यहां गर्भवती व जननी माताओं आदि के लिए अलग-अलग वार्ड बने हुए हैं। ऑपरेशन के लिए महिलाएं अलग वार्ड में भर्ती हैं। महिलाओं के बैड के नीचे गंदे कपड़े, पॉलीथिन में पैक कचरा मिलना आम बात है।
शौचालय टूटे-फूटे
जनाना अस्पताल में जननियों को गंदे शौचालय का उपयोग करना पड़ रहा है। हर वार्ड के अंदर शौचालय बने हुए हैं, अधिकतर शौचालय के हालात खराब है। यहां पानी भरा रहता है, जिससे संक्रमण फैल सकता है। इतना ही नहीं वार्ड के शौचालय में बने फ्लेश जाम है, जिनमें गंदा पानी भरा हुआ है। इसके बावजूद महिलाएं यहां जाने को मजबूर हैं।
घर से लाते हैं बिस्तर
अस्पताल में भर्ती होने आई महिलाओं को यहां मिलने वाले कंबल व चादरों की सफाई पर भरोसा नहीं है। इसलिए अधिकतर महिलाएं अपने घर से ही बिस्तर साथ लेकर आती हैं। इसके चलते एक-एक बैड पर रजाई व चादरों की भरमार है।
Published on:
22 Feb 2018 02:09 pm
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