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शिशु चिकित्सालय में जल्द शुरू होगी गहन चिकित्सा इकाई

अलवर. राजकीय गीतानंद शिशु चिकित्सालय में जल्द ही पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट यानी बच्चों की गहन चिकित्सा इकाई शुरू होगी। इसके लिए भवन बनकर तैयार हो चुका है। हालांकि अस्पताल में अभी फैसिलिटी बेस्ड न्यूबोर्न केयर (एफबीएनसी) यूनिट संचालित है। इसमें जन्म से लेकर 28 दिन गंभीर बीमारी से पीडि़त बच्चों को भर्ती कर उपचार किया जाता है। वहीं, 28 दिन से ऊपर की आयु के बच्चों के लिए गहन चिकित्सा इकाई की व्यवस्था नहीं होने से विशेष परिस्थितियों में उनको रैफर करना पड़ता है।

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शिशु चिकित्सालय में जल्द शुरू होगी गहन चिकित्सा इकाई

शिशु चिकित्सालय में जल्द शुरू होगी गहन चिकित्सा इकाई

शिशु चिकित्सालय में जल्द शुरू होगी गहन चिकित्सा इकाई
-गंभीर प्रकृति के मरीजों को मिल सकेगी राहत

अलवर. राजकीय गीतानंद शिशु चिकित्सालय में जल्द ही पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट यानी बच्चों की गहन चिकित्सा इकाई शुरू होगी। इसके लिए भवन बनकर तैयार हो चुका है। हालांकि अस्पताल में अभी फैसिलिटी बेस्ड न्यूबोर्न केयर (एफबीएनसी) यूनिट संचालित है। इसमें जन्म से लेकर 28 दिन गंभीर बीमारी से पीडि़त बच्चों को भर्ती कर उपचार किया जाता है। वहीं, 28 दिन से ऊपर की आयु के बच्चों के लिए गहन चिकित्सा इकाई की व्यवस्था नहीं होने से विशेष परिस्थितियों में उनको रैफर करना पड़ता है।

चिकित्सा सेवाओं में होगा विस्तार

शिशु अस्पताल में बनने वाली 12 बेड की पीआईसीयू यूनिट अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगी। अभी अस्पताल में 28 दिन से ऊपर की आयु के बच्चों के लिए वेंटीलेटर की सुविधा नहीं है। ऐसे में गंभीर प्रकृति के मरीजों के उपचार में परेशानी हो रही है। वहीं, चिकित्सा सेवाओं में विस्तार होने से आमजन को लाभ मिल सकेगा।

अभी क्या सुविधाएं

शिशु अस्पताल में 42 बेड के सामान्य वार्ड सहित इमरजेंसी, एमटीसी, एफबीएनसी व आइसोलेशन वार्ड संचालित है। इसके साथ ही एक्स-रे व सोनोग्राफी की सुविधा उपलब्ध है।

जल्द शुरू होगी

पीआईसीयू के भवन का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। यहां वेंटीलेटर लगने व ट्रेंड स्टॉफ की नियुक्ति के बाद जल्द ही इसे शुरू कर दिया जाएगा।

-डॉ. सोमदत्त गुप्ता, प्रभारी, राजकीय गीतानंद शिशु चिकित्सालय।

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