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Sariska Tiger Reserve: सरिस्का टाइगर रिजर्व की सौ बीघा जमीन के आवंटन का मामला गरमा गया है। अब जमीन निरस्तीकरण की कार्रवाई होगी। साथ ही दोषियों को चार्जशीट देने की तैयारी है। एसडीएम अलवर एडीएम प्रथम कोर्ट में जमीन निरस्तीकरण की फाइल पेश करेंगे, उसके बाद यह कार्रवाई आगे बढ़ेगी। हैरत तो ये है कि यह मामला भी राजगढ़ के टहला में आवंटित जमीन के दौरान ही सामने आया था, लेकिन प्रभावशाली लोगों के कारण इसे दबा दिया गया। सरकार बदली तो अब यह मामला बाहर आया और दोषियों पर कार्रवाई की तैयारी है।
ढहलावास में जमीन आवंटन के मामले में 16 सीसीए की चार्जशीट पर जल्द निर्णय लिया जाएगा। जमीन निरस्तीकरण की संस्तुति के भी नियम देखे जाएंगे।- यशार्थ शेखर, एसडीएम अलवर
संबंधित अधिकारियों की ओर से मेरे कोर्ट में जमीन निरस्तीकरण को लेकर कोई फाइल प्रस्तुत नहीं की गई। जैसे ही दस्तावेज आएंगे तो आगे की कार्रवाई करेंगे।- मुकेश कायथवाल, एडीएम प्रथम
पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने प्रशासन गांवों के संग अभियान के तहत टहला में 1000 बीघा से ज्यादा जमीन सरकारी आवंटित कर दी थी। मामला सार्वजनिक हुआ तो सभी आवंटन निरस्त किए गए और चार लोगों पर गाज गिरी थी। संबंधित एसडीएम को अब जाकर चार्जशीट जारी की गई है। यानी कार्रवाई की प्रक्रिया काफी धीमी रही। उसी दौरान सौ बीघा जमीन देने का मामला भी सामने आया, लेकिन कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी।
मार्च 2022 को उमरैण पंचायत समिति के सभागार में 26 लोगों के बीच ढहलावास के एक दर्जन से अधिक लोगों को जमीन आवंटित की गई। ढहलाबास के उदयभान शर्मा का आरोप था कि उस दौरान एसडीएम प्यारेलाल सोठवाल, तहसीलदार कमल पचौरी, गिरदावर हल्का अरविंद दीक्षित, पटवारी ढहलावास जितेंद्र कुमार छावल आवंटन प्रक्रिया में शामिल थे। मामले की शिकायत के बाद जांच पूर्व एडीएम द्वितीय परसराम मीणा ने की थी, उसमें साफ हो गया कि सरिस्का की जमीन आवंटन के लिए एक तरह से षड्यंत्र किया गया। तहसीलदार, भू अभिलेख निरीक्षक व पटवारी दोषी हैं। पूर्व एसडीएम को इस जांच में बचा दिया गया, जिसका मामला लोकायुक्त में चल रहा है। इसी तरह ग्राम रोगडा, सीरावास व रामनगर में नियमन नियम विरुद्ध किए गए।
Published on:
06 Apr 2025 07:20 am
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