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राजस्थान के अलवर शहर में लाखों के पटाखों जितना ईटाराणा फैक्ट्रियां उगल रही हर दिन धुआं

आमजन को शुद्ध हवा भी नसीब नहीं हो रही है। खूब शिकायतें करने के बावजूद प्रदूषण नियंत्रण मण्डल के अधिकारी कार्रवाई करने से डर रहे हैं।
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अलवर

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aniket soni

•

Updated: 11 Oct 2017, 5:24 PM IST

Itarana Factories Freshening Smoke Every Day in alwar

Itarana Factories Freshening Smoke Every Day in alwar

अलवर.

लाखों रुपए के पटाखों से अधिक धुआं अलवर शहर के बीचों बीच आ चुकी एक-दो फैक्ट्रिंया ही छोड़ रही हैं। इन फैक्ट्रियों की चिमनियों से अवरिल धुआं का गुबार निकलता है। जबकि चारों तरफ आवासीय कॉलोनियां है।

एक-एक कॉलोनी में हजारों की संख्या में परिवार रह रहे हैं। इन फैक्ट्रियों से निकलने वाले धुओं से प्रदूषित हो रही हवा पर जिम्मेदार विभाग प्रदूषण नियंत्रण मण्डल की नजर भी है। फिर भी कार्रवाई नहीं हो रही है। जिससे आमजन को शुद्ध हवा भी नसीब नहीं हो रही है। खूब शिकायतें करने के बावजूद प्रदूषण नियंत्रण मण्डल के अधिकारी कार्रवाई करने से डर रहे हैं।

अलवर जिले के सबसे पुराने ईटाराणा औद्योगिक क्षेत्र की सभी फैक्ट्रियां शहर के बीच में आ चुकी हैं। यहां मुख्य रोड पर एक-दो फैक्ट्रियों से धुआं गुबार की तरह निकलता रहता है। जिससे आसपास की कॉलोनियों में हवा में धुअंा घुल रहा है। यही नहीं कुछ फैक्ट्रियां तो रात्रि को गैस भी छोड़ती है। जिसकी बदबू आसपास की कई कॉलोनियों तक जाती है। जिसको लेकर कई बार मालवीय नगर, सामोला क्षेत्र के लोगों ने शिकायत की हैं। विरोध प्रदर्शन भी किए हैं। फिर भी जिम्मेदारों की नींद नहीं खुल रही।

हवा व पानी खराब

इस क्षेत्र में पानी की निकासी भी नहीं हो रही है। जिसके कारण गंदा पानी फैक्ट्रियों में आसपास ही जमा हो रहा है। पानी का ट्रीटमेंट भी नहीं हो रहा है। जिसके कारण भूजल भी दूषित होता जा रहा है।

एक बार कार्रवाई कर रह गए


बार-बार शिकायतें की गई तो प्रदूषण नियंत्रण मण्डल ने एक बार जांच करने की कार्रवाई की। उसके बाद फिर वहीं पुराने हाल हो गए। इन फैक्ट्रियों ने दिन-रात धुआं निकलता है। दूसरी और अधिकारियों का कहना है कि समय-समय पर जांच करते हैं। अब प्रदूषण अधिक फैलाने की शिकायत है तो फिर से जांच की जाएगी।