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पूजा ने सपने को हकीकत में बदलने के लिए कैनवास से जोड़ी अपनी राह

अलवर. महिलाएं शादी के बाद परिवार और बच्चों की जिम्मेदारी में इतनी व्यस्त हो जाती हैं कि वे अपने बचपन के सपनों को मन में ही दबा देती हैं। अगर मौका मिले तो भी वे यही सोचती हैं कि अब समय नहीं है लेकिन शहर की पूजा सोनी ने बचपन के सपने को मौका मिलते ही […]

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अलवर

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Jyoti Sharma

Jul 22, 2024

अलवर. महिलाएं शादी के बाद परिवार और बच्चों की जिम्मेदारी में इतनी व्यस्त हो जाती हैं कि वे अपने बचपन के सपनों को मन में ही दबा देती हैं। अगर मौका मिले तो भी वे यही सोचती हैं कि अब समय नहीं है लेकिन शहर की पूजा सोनी ने बचपन के सपने को मौका मिलते ही एक नई पहचान दी। यही वजह है कि पूजा स्केच और पेंटिंग्स में पूरे देश में नाम कमा रही हैं। इनके बनाए स्केच और पेंटिंग्स की बड़े शहरों में प्रदर्शनी लगती हैं। इतना ही नहीं, इनका नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी शामिल किया गया। पूजा उन महिलाओं के लिए प्रेरणा हैं, जो सपनों को छोड़ देती हैं। उनको हकीकत नहीं बना पातीं।

पूजा बताती हैं कि बचपन से ड्रॉइंग का शौक था। बड़ी कलाकार बनना चाहती थी लेकिन जब बड़ी हुई तो मैंने पढ़ाई की तरफ ज्यादा ध्यान देना शुरू कर दिया और धीरे-धीरे ड्रॉइंग मुझसे दूर हो गई। शादी के बाद, मैंने कभी ड्रॉइंग करने के बारे में नहीं सोचा।

ऐसे शुरू हुआ कलाकार बनने का सफर

पूजा का कहना है कि कोरोनाकाल के दौरान नए जोश के साथ, मैंने अपने पेंसिल और ब्रश उठाए और कलाकार बनने का सफर शुरू किया। मैंने स्केचिंग, चारकोल वर्क, एक्रिलिक्स, ऑइल पेंटिंग व एब्स्ट्रेक्ट आर्ट की विभिन्न विधाओं में काम करना शुरू किया। धीरे-धीरे मुझे ऑर्डर मिलने लगे। जन्मदिन और वर्षगांठ के लिए विशेष स्केच बनाने के ऑर्डर आने लगे। इसके बाद मुझे स्कूल्स में आमंत्रित किया जाने लगा। ऑनलाइन प्रतियोगिताओं में भाग लेकर, मैंने गोल्ड अवॉर्ड हासिल किया और कई पुरस्कार जीते। इन उपलब्धियों ने मुझे और प्रेरित किया और मेरे पति व बच्चों का भी साथ मिलने लगा। तब मैंने सोचा कि मुझे कुछ बड़ा करना है। इसलिए, मैंने कैनवास पेंटिंग भी शुरू की।

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