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पांच लाख आबादी का भविष्य जयसमंद बांध पर कैसे टिका

जयसमंद बांध को अलवर शहर की लाइफ लाइन यूं ही नहीं कहा जाता। इस बांध के पानी से लबालब होने पर पांच लाख आबादी की पानी की पूर्ति आसानी से हो सकती है। पिछले कई दशकों से इस बांध में पानी नहीं आने से अलवर में पानी को लेकर हाहाकार मचा है। जानिए पांच लाख आबादी का भविष्य जयसमंद बांध पर कैसे टिका।

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अलवर

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Prem Pathak

Jun 18, 2023

पांच लाख आबादी का भविष्य जयसमंद बांध पर कैसे टिका

पांच लाख आबादी का भविष्य जयसमंद बांध पर कैसे टिका

अलवर. मानसून सक्रिय होने में कम समय बचा है, यदि इस बार बारिश के दौरान जयसमंद बांध पानी से लबालब नहीं हुआ तो अलवर शहर एवं आसपास के गांवों की पांच लाख आबादी की लाइफ लाइन पर संकट होना तय है।
जयसमंद बांध के लबालब होने पर अलवर शहरवासियों की पानी की समस्या काफी हद तक दूर हो सकती है। कारण है कि यह अलवर का सबसे बड़े प्राचीन बांधों में एक है। यदि यह बांध पानी से लबालब हो तो आसपास के क्षेत्र का जल स्तर बढ़ना तय है। जल स्तर बढ़ने का लाभ यह होगा कि जलदाय विभाग के बुर्जा, उमरैण एवं आसपास लगे ट्यूबवैलों में पानी की आवक बढ़ सकेगी। वहीं सूख चुके टयूबवैलों को भी पुनर्जीवन की आस बंधेगी। इससे जलदाय विभाग अलवर शहर में ज्यादा मात्रा में पानी सप्लाई हो सकेगा और लोगों को पानी की किल्लत से मुक्ति मिल सकेगी।

मानसून में ऐसे भर सकता है जयसमंद

जयसमंद बांध में पानी नटनी का बारां एवं सिलीसेढ़ से आता है। इस बार अच्छी बारिश की संभावना को देखते हुए नटनी का बारां में तेजी से पानी आने की उम्मीद है। यह पानी नहर के माध्यम से जयसमंद बांध तक पहुंचा तो बांध के लबालब होने की उम्मीद है। वहीं सरिस्का क्षेत्र में अच्छी बारिश होने से सिलीसेढ़ झील की ऊपरा चली तो वह पानी बहकर जयसमंद बांध में पहुंचेगा।

12.70 किलोमीटर की दूरी तय करनी होगी पानी को

नटनी का बारां से जयसमंद तक पानी पहुंचने के लिए 12.70 किलोमीटर की दूरी तय करनी होगी। बांध में पानी लाने के लिए फिलहाल कच्ची नहर है। इस नहर की सफाई का कार्य जारी है।

डेढ़ करोड़ की राशि तत्कालीन कलक्टर ने की मंजूर

नटनी का बारां से जयसमंद तक पानी लाने के लिए नहर की सफाई को तत्कालीन जिला कलक्टर जितेन्द्र कुमार सोनी ने 1.50 करोड़ की राशि स्वीकृत की थी। इस राशि से नहर सफाई का कार्य कराया जा रहा है।

कैसे भरेगा बांध पानी से

मानसून सक्रिय होने से पहले 12.70 किलोमीटर नहर की पूरी तरह सफाई हुई तो नटनी का बारां से पानी बहकर बांध तक आसानी से पहुंच सकेगा। इससे बांध पानी से लबालब होकर पांच लाख आबादी की लाइफ लाइन बन सकेगा।

जिम्मेदारों को क्या करना होगा

मानसून के दौरान प्राचीन बांध जयसमंद पानी से लबालब हो सके, इसके लिए सिंचाई विभाग को जल्द नहर की सफाई कार्य पूर्ण कर पानी क आवक में बाधा बनने वाले अवरोधाें को हटाना होगा। वहीं प्रशासन को नहर के बीच अतिक्रमण एवं अन्य समस्याओं का निराकरण कराना होगा।

पत्रिका ने चलाया था अभियान

पांच लाख लोगों की लाइफ लाइन जयसमंद बांध को अतिक्रमण से मुक्त करा पानी से लबालब करने के लिए राजस्थान पत्रिका ने पिछले महीनों जयसमंद को पुनर्जीवन की दरकार शीर्षक से समाचार अभियान प्रकाशित किया था। समाचार अभियान का नतीजा रहा कि तत्कालीन जिला कलक्टर जितेन्द्र कुमार सोनी ने नटनी का बारा से जयसमंद बांध तक पानी लाने के लिए नहर सफाई के लिए डेढ़ करोड़ की राशि स्वीकृत की और बांध के पेटे की 128 बीघा जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया।