No video available
राजगढ. जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव के तहत शनिवार की शाम को माता जानकी की सवारी बैंडबाजे, झांकियों सहित अन्य लवाजमे के साथ चौपड़ बाजार स्थित जगदीश जी महाराज मंदिर से रवाना होकर गंगाबाग पहुंची। जहां पंडित मदन मोहन शास्त्री ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ गणेश पूजन व मन्दिर मार्जन का कार्यक्रम सम्पन्न करवाया।
इस मौके पर महन्त पूरण दास, पण्डित रोहित शर्मा, मेला कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट महेन्द्र तिवाडी, कान्हाराम लखेरा, मेला कमेटी के सचिव हरिओम गुप्ता, रामावतार सैनी, नरेन्द्र त्यागी, एडवोकेट सुनील शर्मा, ऋषभ नाट्या, नेमीचंद सैनी, मुकेश सैनी, यादराम सैनी, चिराग सैनी, अंशुल सैनी आदि मौजूद रहे। इसके बाद देर रात को पुन: माता जानकी की सवारी कस्बे के चौपड बाजार स्थित मंदिर लौट आई । इससे पहले प्रात: सवा नौ बजे भगवान जगन्नाथजी ने पन्द्रह दिनों बाद गर्भ गृह से बाहर आकर श्रद्धालुओं को दर्शन दिए। इसके बाद नेत्रोत्सव कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस अवसर पर महाआरती के बाद प्रसाद का वितरण किया गया।
आज ये होंगे कार्यक्रम: रविवार को प्रात: साढे नौ बजे कस्बे के चौपड बाजार स्थित मंदिर में भगवान जगन्नाथ का दोज पूजन, गोलक पूजन तथा कंगन डोरा बांधने के कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसके बाद सवा दस बजे भगवान जगन्नाथ को हल्दी की रस्म अदा की जाएगी। इस अवसर पर श्रद्धालु महिलाएं भगवान जगन्नाथजी को मंगल गीत गाकर रिझाएगी। शाम साढ़े आठ बजे भगवान जगन्नाथजी की रथयात्रा कस्बे के चौपड बाजार स्थित मन्दिर से गंगाबाग के लिए प्रस्थान करेंगी। इस बार भगवान जगन्नाथजी को खाटू दरबार व कोलकाता के इत्र से महकाया जाएगा और वृन्दावन के बांके बिहारी की तर्ज पर दूल्हे बने जगन्नाथजी को जयपुर के मोगरें की मालाओं से सजाया जाएगा। इंदौर की मोली भगवान जगन्नाथजी को कंगन डोरा के रूप में बांधी जाएगी। इसी के साथ गंगाबाग में आठ दिवसीय मेला का आगाज होगा।
माता जानकी संग 15 को लौटेंगे
जगन्नाथ महोत्सव के तहत 8 से 11 जुलाई तक गंगाबाग में भराभर का मेला आयोजित होगा। 12 जुलाई की शाम को मेला स्थल पर वरमाला महोत्सव तथा 15 जुलाई को भगवान जगन्नाथ माता जानकी संग विवाह रचाकर वापस चौपड़ बाजार स्थित मंदिर लौट आएंगे।