
फर्जी और कूटरचित दस्तावेज के आधार पर पाई शिक्षक की नौकरी, अब एफआईआर होगी दर्ज
खैरथल. फर्जी और कूटरचित दस्तावेज के आधार पर शिक्षक की नौकरी प्राप्त करने वाले शिक्षक देवदत्त आर्य के खिलाफ जिला शिक्षा अधिकारी ने ब्लॉक शिक्षा अधिकारी व प्रधानाचार्य खरेटा विद्यालय को रजिस्टर्ड पत्र भेज कर तुरंत फौजदारी कार्रवाई के संबंध में संबंधित थाने में मामला दर्ज कराए जाने के आदेश जारी किये गए हैं।
इस मामले को राजस्थान पत्रिका ने गत 13 जून को उठाया गया था की देवदत्त पुत्र हरिङ्क्षसह निवासी तिनकीरूडी तहसील मुंडावर ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय खरेटा मुंडावर में फर्जी तरीके से कूटरचित दस्तावेज प्रस्तुत करते एसटी श्रेणी संवर्ग में द्वितीय श्रेणी अध्यापक पद पर 27 अप्रेल 2005 को नियुक्ति प्राप्त की। जबकि देवदत्त आर्य (अहीर ) जाति संवर्ग ओबीसी का है। 2011-12 में व्याख्याता पद पर पदोन्नति एसटी संवर्ग में प्राप्त कर लाभ लिया गया तथा प्रधानाचार्य पद पर पदोन्नति एसटी श्रेणी संवर्ग में हुई थी। शिकायत हो जाने पर देवदत्त ने पद ग्रहण नहीं किया।
शिकायत की जाँच मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी अलवर राकेश कुमार शर्मा की और से की गई। जांच में 31 जनवरी 2022 को देवदत्त आर्य के द्वारा फर्जी तरीके से दस्तावेज प्रस्तुत कर नियुक्ति प्राप्त करने का पूर्ण रूप से दोषी माना गया। तथा इनके विरुद्ध विभाग की और से आरोप पत्र व आरोप विवरण पत्र भरकर प्रस्तुत किये गए थे।
जिला शिक्षा अधिकारी ने पत्र में बताया है इस विद्यालय का थाना ततारपुर है। जहां उक्त शिक्षक के खिलाफ मामला दर्ज कराया जाए।
सर्पदंश से खेत में काम कर रहे इकलौते बेटे की मौत
प्रतापगढ. उपतहसील प्रतापगढ़ के गांव खोरलाई में मंगलवार शाम कृषि कार्य के दौरान एक बीस वर्षीय बालक की जहरीले सांप के काटने से देर शाम मौत हो गई। ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार गांव खोरलाई का विश्राम मीना (20) शाम को खेत में पानी देने का कार्य कर रहा था। इस दौरान खेती के चारे में छिपे-बैठे जहरीले सांप ने उसे काट लिया। सांप के काटने के बाद वह दौड़कर घर आया और उसने इसकी जानकारी मां को दी। मृतक की मां पड़ोसी व परिचित लोग उसे लेकर क्षेत्र के प्रसिद्ध तेजाजी, कालश देव के मंदिर लेकर पहुंचे लेकिन जब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
हे भगवान मेरा छोरा के बजाय मैंने उठा लेतों : रोते-रोते मृतक की मां मन्नी देवी कह रही थी कि इस खेती कार्य के दौरान 17 साल पहले मेरे पति की भी हार्ट अटैक आने से मौत हो गई थी।
उस वक्त मेरे जीने का सहारा मेने मेरे पुत्र विश्राम को मानकर जीवन में संघर्ष किया पढाया, लिखाया बुढापे की लाठी मानकर पालन-पोषण किया। लेकिन मंगलवार की काल समान शाम ने उसी खेती कार्य के समय सांप के डसने से मेरे बेटे की मौत हो गई। अब जीने की कोई चाहत शेष नहीं है। मृतक विश्राम की शादी सात-आठ माह पूर्व हुई थी।
Published on:
08 Sept 2022 01:30 am
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