
केदारनाथ में बन रही अलवर की पहचान, रोज हजारों लोगों की सेवा कर रहे अलवर के लोग, किए हैं खास प्रबंध
अलवर. पूर्वी राजस्थान के सिंहद्वार अलवर की पहचान केवल प्रदेश तक सीमित नहीं रही, बल्कि केदारनाथ धाम में भी अलवर की गूंज सुनाई पडऩे लगी है। अलवर की धार्मिक संस्था अमरनाथ बर्फानी सेवा समिति की ओर से केदारनाथ में आयोजित किए जाने वाले भंडारे का श्रद्धालुओं को इंतजार रहता है। केदारधाम की दुर्गम पहाडिय़ों एवं विषम परिस्थितियों में समिति के सदस्य यहां श्रद्धालुओं की भंडारे के माध्यम से सेवा करते रहे हैं। जमीन से करीब 12000 फीट की ऊंचाई पर समिति की ओर से 7 मई से भंडारा शुुरु किया था जो 51 दिन तक चलेगा। इस भंडारे का समापन 26 जून को होगा। इस भंडारे में लगभग 5000 से 6000 व्यक्ति रोज लंगर में प्रसाद पा रहे हैं। सुबह चाय, नाश्ता व दोनों समय का भोजन यहां आने वाले यात्रियों एवं भक्तों को कराया जाता है। समिति की ओर से यहां आने वाले 80 से 100 यात्रियों की ठहरने की व्यवस्था भी निशुल्क की जाती है।
केदारनाथ धाम पर लगाए जाने वाले इस भंडारे में अलवर से 10 सेवादार रोटेशन पद्धति से भंडारे की शुरुआत से समापन तक सेवाएं देंगे। भंडारे में प्रसाद व नाश्ता आदि तैयार करने के लिए अलवर से 15 हलवाइयों की टीम भी वहां मौजूद है। समिति के प्रवक्ता मुकेश विजय ने बताया कि यह दूसरा मौका है जब समिति को यहां भंडारे की अनुमति मिली है। नीचे सोन प्रयाग पार्किंग में समिति की ओर से बेस कैम्प बनाया गया है। जिसमें अलवर के यात्री सेवादारों से संपर्क कर सकते है।
Published on:
01 Jun 2019 04:27 pm
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