
खैरथल थाने के बाहर प्रदर्शन करते ग्रामीण। फोटो पत्रिका
अलवर। खैरथल क्षेत्र में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर सोमवार रात उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब शादी समारोह से लौट रहे चार युवकों के साथ पुलिस द्वारा मारपीट और दुर्व्यवहार करने का आरोप सामने आया। घटना के विरोध में राताखुर्द गांव के सैकड़ों महिला-पुरुष थाने पहुंच गए और जमकर प्रदर्शन किया।
राताखुर्द से दांतला गांव में एक शादी समारोह में शामिल होने गए चार युवक ललित, रोहित, रिंकू और दीपकरात करीब एक बजे घर लौट रहे थे। आरोप है कि इस दौरान रात्रि गश्त कर रही पुलिस ने उन्हें रोककर पूछताछ की और बाद में थाने ले जाकर उनके साथ मारपीट की तथा मोबाइल फोन छीन लिए।
शिकायतकर्ता सुभाष, राजकुमार, सुंदरलाल जाटव निवासी राताखुर्द और श्रीचंद जाटव निवासी खेडला ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जया सिंह को दिए ज्ञापन में बताया कि युवक देर रात तक घर नहीं लौटे, तो परिजन उनकी तलाश में खैरथल पहुंचे। इस दौरान उनकी बाइक थाने में खड़ी मिली। पूछताछ करने पर पता चला कि कांस्टेबल पुष्पेंद्र उन्हें थाने लेकर आया है।
परिजनों का आरोप है कि बार-बार निवेदन करने के बावजूद युवकों को नहीं छोड़ा गया और सुबह आने के लिए कहा गया। इस दौरान गांव के सरपंच, पंच सहित अन्य लोगों के साथ भी कथित रूप से बदसलूकी की गई और उन्हें वहां से जाने के लिए धमकाया गया।
घटना के विरोध में मंगलवार सुबह करीब 10 बजे बड़ी संख्या में ग्रामीण थाने पर एकत्रित हो गए और पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया। बाद में सभी ग्रामीण एसपी कार्यालय पहुंचे और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ सख्त कार्रवाई तथा बर्खास्तगी की मांग की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने तत्काल संबंधित कांस्टेबल पुष्पेंद्र को तलब किया और जांच के निर्देश दिए। कुछ देर बाद भिवाड़ी से आए जिला पुलिस अधीक्षक ब्रजेश ज्योति उपाध्याय से पीड़ित परिवार मिले। एसपी ने तुरंत प्रभाव से कांस्टेबल को लाइन हाजिर करते हुए मामले की जांच किशनगढ़बास वृत के डीएसपी लालचंद यादव को सौंप दी।
Published on:
31 Mar 2026 07:02 pm
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