
सरिस्का टाइगर रिजर्व की जमीन पर जहां-जहां कॉमर्शियल गतिविधियां चल रही हैं, वह जल्द बंद होंगी। इसमें होटल, रिसॉर्ट आदि शामिल हैं। जिला प्रभारी मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने प्रशासन से कहा है कि अवैध प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई करें। मंत्री के इस निर्देश के बाद सिलीसेढ़, टहला व अजबगढ़ के 76 होटलों की फाइलें फिर खुलने के आसार हैं। इनमें से कोई सरिस्का बफर की जमीन पर बना हुआ है, तो कोई सरिस्का क्रिटिकल टाइगर हैबीटेट यानी सीटीएच से एक किमी के दायरे में।
पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के राज में प्रभारी मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने साक्ष्य सहित शिकायत सरकार से की थी। कहा था कि सिलीसेढ़, अजबगढ़, टहला आदि एरिया में सरिस्का की जमीन पर अवैध रूप से होटल व रिसॉर्ट बन गए हैं। इस शिकायत के बाद प्रशासन ने जांच कराई, जिसमें 12 होटल ऐसे पाए गए, जो नदी, नाला, पहाड़ व सिवायचक की जमीन पर थे।
टहला से लेकर सिलीसेढ़ एरिया के यह होटल थे। इस जांच को पूर्ववर्ती सरकार ने दबा दिया। इस जांच पर सरिस्का के अधिकारियों ने हस्ताक्षर नहीं किए थे। उसके बाद राजस्थान पत्रिका ने मामला उठाया तो फाइलें खुल गई।
प्रशासन ने एनजीटी में केस दायर होने के बाद दोबारा होटलों का सर्वे कराया और उसमें 76 होटल ऐसे मिले जो अवैध थे। यानी यह सरिस्का की जमीन पर थे। इसमें सिलीसेढ़ के 16, टहला के 34 व 26 होटल अजबगढ़ एरिया के थे। प्रशासन न यूआईटी ने नोटिस देने शुरू किए, लेकिन बाद में यह केस दबा दिया गया। अब सरकार भाजपा की है।
यहां के प्रभारी मंत्री किरोड़ी लाल मीणा हैं। ऐसे में वह इस मामले में कार्रवाई करेंगे। उन्होंने खुद सिलीसेढ़ क्षेत्र के होटलों का भी निरीक्षण किया था। माना जा रहा है कि यह कार्रवाई मई माह में हो जाएगी, जिससे होटल संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है।
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Published on:
26 Apr 2025 12:48 pm
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