इस साल अलवर की प्याज एक बार फिर किसान रेल से आसाम और बिहार जाएगी। इस ट्रेन की बुकिंग के लिए आढ़तियों ने भारतीय रेलवे को आवेदन किया है। यह विशेष ट्रेन 20 नवंबर के बाद अलवर से चल सकती है।
अलवर। इस साल अलवर की प्याज एक बार फिर किसान रेल से आसाम और बिहार जाएगी। इस ट्रेन की बुकिंग के लिए आढ़तियों ने भारतीय रेलवे को आवेदन किया है। यह विशेष ट्रेन 20 नवंबर के बाद अलवर से चल सकती है।
अलवर के प्याज के लिए आढ़तियों ने ट्रेन बुकिंग करवाने की औपचारिकता शुरू कर दी है। अलवर से आसाम का बाहेटा रेलवे स्टेशन 1836 किलोमीटर है। जहां के लिए किसान रेल पिछले साल अलवर से प्याज लेकर गई थी। इस बार भी किसान रेल को बुक कराया है। इसको 20 नवंबर को बाद मांगा गया है। इसी के साथ बिहार के लिए भी ट्रेन मांगी है।
अलवर के प्याज आढ़ती अभय सैनी प्रधान का कहना है कि हमने आसाम और बिहार प्याज भेजने के लिए 12 फेरे लगाने के लिए ट्रेन मांगी है। पिछले साल किसान रेल के भाड़े में 50 प्रतिशत की रियायत थी। अलवर से एक ट्रेन में 220 टन प्याज भेजा गया जिसका किराया 10 लाख रुपए था जो हमसे पांच लाख रुपए ही लिया गया था। ट्रकों के मुकाबले यह किराया आधा पड़ता है।
एक पखवाड़े में बढ़ जाएंगे भाव
प्याज के थोक विक्रेताओं का कहना है कि इन दिनों मध्य प्रदेश ओर महाराष्ट्र की कुछ मंडियों में स्टॉक का प्याज निकाला जा रहा है। आगामी दिनों में यह स्टॉक खत्म होते ही अलवर की प्याज की मांग बढ़ जाएगी जिससे इसके भाव और तेज होंगे।
अभी आ रहे दागी प्याज, आवक की कमी
अलवर मंडी में इन दिनों प्याज की आवक 5 से 6 हजार कट्टों तक हैं। प्याज के भाव फिलहाल 15 रुपए से 25 रुपए प्रति किलो तक है। इस बार अलवर मंडी में आने वाला प्याज दागी आ रहा है जिसका कारण मानसून के बाद आई तेज बरसात है। आगामी 10 दिनों बाद प्याज की आवक तेज हो जाएगी और इसकी गुणवत्ता में सुधार की संभावना है।
अलवर मंडी के साथ खैरथल में 5 हजार और मालाखेड़ा में 1 हजार कट्टों की आवक हो रही है। अलवर मंडी में प्याज की आवक एक ही दिन में 50 हजार को भी पार कर सकती है। पिछले साल कई बार एक ही दिन में एक बार कटटों तक की आवक हुई।