
जानिए कोरोना ने कैसे बदल दी मंदिरों की व्यवस्था, कैसे सीधे भक्तों से मिल रहे हैं भगवान
जिससे मंदिरों में भगवान के दर्शन तो आसान हो ही गए हैं। साथ में चढावा देने में भी सुविधा हो रही है। अब चढावे में नगदी की जरूरत नहीं है डिजिटल भुगतान की सुविधा ज्यादातर मंदिरों में है।
काला कुआं वेकटेश बालाजी धाम मंदिर के महंत स्वामी सुदर्शनाचार्य ने बताया कि कोरोना से पहले ही मंदिर का फेस बुक पेज बना दिया था क्योंकि मंदिर के भक्त अलवर के देश विदेश में रहते हैं इनका प्रतिदिन मंदिर आना नहीं होता है। पेज पर भक्त सीधे ही दर्शन सकते हैं। इसके अलावा मंदिर में ऑनलाइन चढावे की सुविधा भी है। इसके लिए गर्भगृह के बाहर ही पीटीएम लगाया गया है। चरणामृत लेने के लिए आटोमेटिक मशीन भी पहले लगाई थी, जिसे बाद में हटा दिया गया है।
पुराना कटला जगन्नाथ मंदिर के महंत पंडित राजेंद्र शर्मा ने बताया कि कोरोना में भक्त मंदिर तक नहीं आ रहे थे। ऐसे में सोशल मीडिया के जरिए दर्शन करवाए थे अब यह सुविधा आगे के लिए भी बना दी है। मंदिर के भक्त सीधे ही मंदिर से जुडे़ हुए हैं और सुबह व शाम को दर्शनों को आते हैं। जो भक्त मंदिर नहीं आ रहे हैं उनके लिए सोशल मीडिया का सहयोग लिया है। मंदिर के मुख्य आयोजनों को सोशल मीडिया से भक्तों तक पहुंचाया जा रहा है।
त्रिपोलिया शिव मंदिर के पुजारी जितेंद्र खेड़ापति ने बताया कि मंदिर में प्रतिदिन होने वाली आरती व भगवान के श्रृंगार का दर्शन कराने के लिए फेसबुक पेज व व्हाटसअप ग्रुप बनाए गए हैं। इस पेज के बहुत से फॉलोवर्स है। इससे उन बुजूर्ग भक्तों को सुविधा होती है जो मंदिर तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। भक्त घर बैठे ही दर्शन कर सकते हैं। मुख्य आयोजनों के लाइव की सुविधा भी है।
एक ***** महादेव मंदिर के पुजारी प्रमोद विजय ने बताया कि प्रतिदिन मंदिर के श्रृंगार की झांकी के दर्शन भक्तों को हो सके इसके लिए व्हाटसअप ग्रुप बनाए गए हैं, पेज बनाया गया है। इससे बहुत अधिक संख्या में भक्त मंदिर से जुडे हैं। अब ज्यादा भक्त दर्शन कर पा रहे हैं।
Published on:
27 May 2023 09:34 pm
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