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जावली में दो सौ करोड़ से बनने वाले 220केवी जीएसएस के लिए जमीन का सर्वे पूरा, एक लाख लोगों को मिलेगा लाभ

कठूमर क्षेत्र में बिजली तंत्र होगा सुदृढ़, विधायक की अभिशंषा पर नाटौज व खुंडियाना में भी 33केवी जीएसएस की घोषणा।

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कठूमर. स्थानीय विधानसभा क्षेत्र में विद्युत तंत्र को सुदृढ़ करने के लिए सुधार जारी है। दूसरे जिलों से बिजली सप्लाई ले रहा कठूमर विधानसभा क्षेत्र आगामी समय में यहां से दूसरी विधानसभाओं को बिजली सप्लाई करने में सक्षम हो जाएगा। हाल में विधायक रमेश खींची की अभिशंषा पर बजट घोषणा में जावली में अनुमानित दो सौ करोड़ की लागत से बनने वाले 220केवी विद्युत स्टेशन के लिए 17 बीघा जमीन जीएसएस निर्माण के लिए चिन्हित कर ली गई है और आगे का प्रोसेस जारी है। इसके अलावा क्षेत्र में विद्युत व्यवस्था मजबूत करने के लिए अनेक 33केवी स्टेशन की भी घोषणा हुई है। विधायक के प्रयासों से खुंडियाना व नाटौज में भी 33केवी स्टेशन की घोषणा संशोधित बजट में हुई है। इससे पूर्व मकरेटा, सौंख, रोनीजाथान, खेडामैदा में भी 33केवी जीएसएस लग चुके हैं।

कठूमर विधानसभा क्षेत्र में कुल साठ हजार बिजली कनेक्शन है, जिनमें सोलह हजार कृषि कनेक्शन, चालीस हजार डोमेस्टिक और चार हजार अन्य प्रकार के कनेक्शन हैं। कठूमर क्षेत्र की करीब 70 फीसदी बिजली नदबई, बीस फीसदी एमआईए तथा तसई व टिटपुरी पंचायत की बिजली भरतपुर स्थित 220केवी स्टेशन से मिलती है। लम्बी लाइन के चलते फाल्ट, तकनीकी खामियों या अन्य कारणों, अत्यधिक दबाव के चलते कठूमर क्षेत्र की बिजली अन्य स्थानों को देने के कारण बिजली आपूर्ति बाधित होती है। अभी दो तीन दिन पूर्व तसई व टिटपुरी में भरतपुर से बिजली नहीं मिलने के कारण 36 घंटे विद्युत आपूर्ति बाधित रही थी। बरसात के दिनों में भी फाल्ट ढूंढ़ने में घंटों समय लग जाता था और लोग गर्मी व उमस से परेशान हो जाते हैं। जावली में 220केवी जीएसएस बनने से पूरे विधानसभा क्षेत्र में बिजली सप्लाई की सूरत बदल जाएगी। सवा तीन लाख की आबादी को गुणवत्तापूर्ण बिजली मिलने लगेगी। इसके अलावा 33केवी स्टेशनों के बनने से गांवों में बार-बार बिजली गुल होने व फाल्ट की समस्या से निजात मिलेगी।

फैक्ट फाइल

- ग्राम पंचायत जावली ने 2022 में 220केवी विद्युत स्टेशन का लिया था प्रस्ताव

- 220केवी विद्युत स्टेशन के लिए 17 बीघा जमीन चिन्हित - जीएसएस निर्माण में आएगी करीब 200 करोड़ की लागत

- कठूमर विधानसभा क्षेत्र में कुल साठ हजार बिजली कनेक्शन है

- 16 हजार कृषि कनेक्शन, 40 हजार घरेलू और 4 हजार अन्य प्रकार के कनेक्शन शामिल।

- कठूमर क्षेत्र की करीब 70 फीसदी बिजली नदबई, 20 फीसदी एमआईए तथा तसई व टिटपुरी पंचायत की बिजली भरतपुर स्थित 220केवी स्टेशन से मिलती है।

-जीएसएस बनने से स्वयं दूसरे जिलों को दे सकेगा बिजली सप्लाई

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सभी समस्यायों के समाधान के लिए संकल्पित हूं

विधायक रमेश खींची का कहना है कि विधानसभा क्षेत्र में सभी समस्यायों के समाधान के साथ बिजली तंत्र के सुदृढ़ीकरण के लिए संकल्पित हूं। छह सात महीनों में ही जावली में 220केवी विद्युत स्टेशन, खुंडियाना, नाटौज में 33केवी स्टेशन, कठूमर में एक्सईएन का ऑफिस की घोषणा हुई है। इससे पूर्व लम्बितपड़े कांकरोली व पीतमपुरा में भी 33केवी स्टेशनों को भी मंजूरी दिलाई जा चुकी है। वहीं सरपंच जावली अशोक सिंह का कहना है ग्राम पंचायत जावली की ओर से 2022 में 220केवी विद्युत स्टेशन का प्रस्ताव लिया था, लेकिन तब राजनीतिक कारणों से मंजूर नहीं हो पाया। विधायक रमेश खींची के प्रयासों से सरकार के प्रथम बजट में 220केवी विद्युत स्टेशन जावली में बनाने की घोषणा की गई है। करीब पन्द्रह दिन पूर्व विद्युत निगम अभियंताओं ने जावली में जगह का चिन्हिकरण भी कर लिया था। ग्राम पंचायत के पास 34 बीघा गोचर भूमि है।

बिजली व्यवस्था सुदृढ़ करने का काम चल रहा है

बिजली निगम कठूमर के एईएन एईएन कृष्ण गोपाल शर्मा का कहना है कि कठूमर में एक्सईएन ऑफिस खुलने से लाइनों की मरम्मत, ट्रांसफाॅर्मर की मंजूरी व अन्य पत्रावलियों का काम यही हो सकेगा। आमजन को भी कहीं दूर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर नए जीएसएस के प्रस्ताव भी भेजे जाएंगे। नपा मुख्यालय कठूमर में भी बिजली व्यवस्था सुदृढ़ करने का काम चल रहा है।