
कांग्रेस ने केंद्र सरकार की ओर से मनरेगा योजना में किए गए बदलावों को लेकर कड़ा विरोध जताया है। एआईसीसी महासचिव जितेंद्र सिंह ने कहा कि मनरेगा रोजगार का सबसे बड़ा एक्ट है, जिसे 2005 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने लागू किया था। इस योजना ने गरीबों और किसानों को आत्महत्या जैसी गंभीर समस्याओं से बचाया।
जितेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि पीएम मोदी ने 2014 के बजट सत्र में मनरेगा का मजाक उड़ाया और गरीबों का अपमान किया। अब सरकार ने योजना में बड़ा बदलाव किया है और महात्मा गांधी का नाम हटा दिया, जो दर्शाता है कि सरकार की मंशा गरीब और किसान वर्ग के खिलाफ है।
कांग्रेस नेता टीकाराम जूली ने बताया कि अब मनरेगा के तहत 100 दिन के रोजगार की गारंटी खत्म हो गई है और ठेकेदारी हावी होगी। पहले गांवों में पौधरोपण और मेड़ निर्माण जैसे कार्य होते थे, लेकिन अब पीएम पोर्टल से मजदूरों को अन्यत्र भेजा जाएगा।
कांग्रेस पूरे देश में जॉब कार्ड धारकों के साथ आंदोलन करेगी, जिसमें अलवर में 11 जनवरी को मौन धरना और 12 से 29 जनवरी तक अभियान चलाया जाएगा। 30 जनवरी को वार्ड और ब्लॉक स्तर पर प्रदर्शन होंगे। जूली ने कहा कि पार्टी ने अलवर को विशेष महत्व दिया है और यहां सफिया और संजना को मौका दिया गया है। जितेंद्र सिंह ने कहा, पार्टी जानती है कि अलवर के लोग मेहनती हैं, इसलिए उन्हें अवसर दिया गया है। जूली ने यह भी कहा कि ERCP को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा नहीं मिला, जबकि इसकी ढिंढोरा पीटी जा रही थी।
Updated on:
09 Jan 2026 03:21 pm
Published on:
09 Jan 2026 03:20 pm
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