अब जिला परिषद और पंचायत समितियों में कर्मचारियों को बिना राज्य सरकार की अनुमति के न तो एपीओ किया जा सकेगा और न ही कार्य व्यवस्था के तहत लगाया जा सकेगा।
पत्रिका न्यूज नेटवर्क/अलवर। अब जिला परिषद और पंचायत समितियों में कर्मचारियों को बिना राज्य सरकार की अनुमति के न तो एपीओ किया जा सकेगा और न ही कार्य व्यवस्था के तहत लगाया जा सकेगा। शासन सचिव पंचायती राज रवि जैन ने आदेश जारी कर सभी मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राज्य में जनवरी से ही तबादलों पर प्रतिबंध लागू है लेकिन फिर भी कई जिलों में जिला परिषद और पंचायत समिति की ओर से कर्मचारियों को आदेशों की प्रतीक्षा में रखा जा रहा है और कार्य व्यवस्था के आदेश भी किए जा रहे हैं जो कि गलत है।
कई कर्मचारी यहां जमे हुए : अलवर जिला परिषद की ओर से जारी आदेशों में लगभग 14 कर्मचारी कार्य व्यवस्था के तहत एक स्थान से दूसरे स्थान पर लगाए हुए हैं। इनमें कुछ को तो कई साल से जमे हुए हैं। 14 में से 12 कर्मचारी अलवर जिला परिषद में जमे हुए हैं और रामगढ़ पंचायत समिति के भी दो कर्मचारियों को कार्य व्यवस्था के तहत इधर-उधर किया है। शासन सचिव के आदेश के बाद अब परिषद में हड़कंप मच गया। उम्मीद की जा रही है कि शासन सचिव के आदेशों की अब पालना होगी। इन कर्मचारियों को उनके मूल पदों पर वापस भेजा जाएगा।
जिला परिषद में ये लगे हैं कार्य व्यवस्था में
जितेंद्र सैनी, सहायक प्रशासनिक अधिकारी रामगढ़ से यहां लगाए गए हैं। वर्तमान में इन्हें जिला परिषद की संस्थापन शाखा का काम आवंटित है।
लिपिक राजाराम सैनी पंचायत समिति उमरैण से लगाए गए हैं। वर्तमान में मुख्यमंत्री बजट घोषणा, आंगनबाड़ी, प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना एवं अन्य निर्माण कार्य योजनाओं का कार्यभार आवंटित है।
लिपिक जसवंत सैनी उमरैण से लगाए गए हैं। उन्हें मनरेगा का एमआईएस सम्बन्धी काम आवंटित है।
लिपिक आयुष मित्तल 30 जून को उमरैण से लगाए गए हैं। वर्तमान में मुख्य कार्यकारी अधिकारी के निजी सहायक तथा विधायक निधि का काम आवंटित है।
लिपिक पंकज गुप्ता मालाखेड़ा से लगाए गए हैं। वर्तमान में मनरेगा योजना की स्वीकृतियों का काम आवंटित है।
लिपिक शम्मी जैन मालाखेड़ा से लगाई गई हैं। वर्तमान में जिला परिषद और डीआरडीए की स्टोर शाखा का काम आवंटित है।
लिपिक पवन गुप्ता राजगढ़ से लगाए गए हैं। वर्तमान में डीआरडीए की रोकड़ शाखा का काम आवंटित है।
लिपिक हितेश कुमार किशनगढ़बास से लगाए गए हैं। वर्तमान में एमपी लैड योजना, लोकसभा व राज्यसभा का काम आवंटित है।
लिपिक रामनिवास किशनगढ़बास से हाल ही में 31 अगस्त को यहां लगाए गए हैं।
लिपिक विजय सैनी हाल ही में 6 सितंबर को तिजारा से लगाए गए हैं।
सहायक कर्मचारी भगवान सहाय शर्मा को रामगढ़ से और दीपक कुमार को तिजारा से कार्य व्यवस्था के तहत यहां लगाया गया है।
इसके अलावा पिछले साल से रामगढ़ के ग्राम विकास अधिकारी सतीश शर्मा को कार्य व्यवस्था के तहत किशनगढ़ बास और सहायक अभियंता प्रहलाद मीणा को कार्य व्यवस्था के तहत गोविंदगढ़ लगाया गया है।
शासन की अनुमति जरूरी: शासन सचिव ने अपने आदेश में लिखा है कि यदि आवश्यकता हो तो राज्य सरकार से अनुमति प्राप्त करके ही कर्मचारियों को आदेशों की प्रतीक्षा में अथवा कार्य व्यवस्था में लगाया जा सकता है। शासन सचिव ने मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को चेतावनी दी है कि यदि आदेशों की अवहेलना पाई गई तो उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।